उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को अब सुबह और रात के ‘पीक टाइम’ के दौरान होने वाली महंगी बिजली की दरों से जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। विद्युत नियामक आयोग राज्य में बैटरी स्टोरेज और पंप स्टोरेज पावर प्लांट जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करके एक नया ‘रिजर्व पावर मार्केट’ विकसित करने की योजना बना रहा है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सर्दियों में सुबह 6 से 9 बजे और शाम 6 से रात 12 बजे तक होने वाली अत्यधिक बिजली की मांग को राज्य के भीतर से ही पूरा करना है। वर्तमान में इस पीक टाइम पर बाजार से महंगी बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं को दी जाती है, जिससे बिजली के दाम बढ़ जाते हैं। नए स्टोरेज सिस्टम के लागू होने से न केवल उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी, बल्कि ग्रिड में बिजली की कमी या अधिकता के समय ग्रिड फेल होने जैसी बड़ी समस्याओं से भी सुरक्षा मिलेगी।
विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद के अनुसार, इस पूरी नई व्यवस्था का एक ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है और इस पर आम जनता व विशेषज्ञों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इस नई प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आयोग ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले हितधारकों को इंसेंटिव देने का प्रावधान भी रखा है।
जबकि करार के मुताबिक समय पर स्टोरेज सिस्टम उपलब्ध न करा पाने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम पावर सेक्टर को मजबूत करने, ग्रिड को संतुलित व सुरक्षित रखने तथा पीक टाइम पर बिजली की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में बेहद कारगर साबित होगा।
राज्य में बिजली की मांग और उसकी उपलब्धता के बीच के अंतर को पाटने के लिए यह स्टोरेज सिस्टम एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। इसके अंतर्गत बैटरी स्टोरेज और पंप स्टोरेज पावर प्लांट के साथ-साथ उन बिजलीघरों की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का भी इस्तेमाल किया जाएगा जो सामान्य दिनों में पूरी तरह उपयोग में नहीं आते हैं।
इस रणनीतिक कदम से न केवल ग्रिड का संतुलन बना रहेगा बल्कि इसकी सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित होगी। इसके परिणामस्वरूप, भविष्य में बिजली की भारी मांग के दौरान भी उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती या तकनीकी दिक्कत के लगातार और किफायती दामों पर बिजली मिलती रहेगी।

