CM धामी की मानसून को लेकर सचिवालय में अहम समीक्षा बैठक, सभी जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

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उत्तराखंड सरकार आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भूस्खलन, बाढ़ और भू-कटाव संभावित क्षेत्रों का तुरंत चिन्हीकरण किया जाए। इसके साथ ही बेहद संवेदनशील गांवों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों की एक विस्तृत सूची तैयार कर चारधाम यात्रा मार्गों सहित राज्य के सभी राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि यात्रियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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प्राकृतिक आपदा के समय मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान गर्भवती महिलाओं को कोई कठिनाई न हो, इसके लिए उनका पहले से चिन्हीकरण कर स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाइयां और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था एडवांस में सुनिश्चित की जाए।

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इसके अतिरिक्त, मौसम विभाग द्वारा जारी होने वाले अलर्ट का ग्राम स्तर तक त्वरित प्रसारण करने और पर्यटकों व चारधाम यात्रियों को समय पर आवश्यक डिजिटल जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा गया है। आपदा से निपटने के लिए संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड और डंपर जैसी भारी मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बंद मार्गों को तुरंत खोला जा सके।

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सरकार ने प्रत्येक तहसील में पर्याप्त राहत एवं बचाव सामग्री का भंडारण करने के साथ-साथ SDRF, NDRF, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय के लिए नियमित मॉक ड्रिल करने के भी आदेश जारी किए हैं।