3 महीनों बाद 62 हजार मीट्रिक टन LNG लेकर सुरक्षित गुजरात पहुंचा भारतीय टैंकर ‘दिशा’

ख़बर शेयर करें

भारतीय टैंकर दिशा होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गुजरात के दहेज एलएनजी टर्मिनल पहुंचा। यह टैंकर तीन महीनेे से अधिक समय से होर्मुज में फंसा हुआ था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस डिलीवरी को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।

भारतीय एलएनजी टैंकर दिशा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंच गया है। तीन महीने से अधिक के इंतजार के बाद 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी का कार्गो लेकर गुजरात के दहेज बंदरगाह पर पहुंच गया है। जहाज ट्रैकिंग डेटा पर आधारित जानकारी के अनुसार यह जहाज अपनी यात्रा पूरी करके शुक्रवार को सुबह लगभग 7:32 बजे दहेज टर्मिनल पर पहुंचा।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने कट-ऑफ डेट बढ़ने के फैसले का किया स्वागत

कतर के रास लाफान एलएनजी टर्मिनल पर एलएनजी का कार्गो लोड किया गया। टैंकर में 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजारों में एक संवेदनशील अवधि के दौरान भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक अहम डिलीवरी है।
दिशा नामक पोत का संचालन शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले एक संघ की ओर से किया जा रहा है।

इसे पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के लिए किराए पर लिया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से पोत का सफल पारगमन ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है, जिससे प्रमुख वैश्विक शिपिंग मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, टैंकर ने अपनी यात्रा पूरी करने से पहले तीन महीने से अधिक समय तक खाड़ी क्षेत्र में ही बिताया था। तेल और गैस की ढुलाई के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य से इसका सुरक्षित गुजरना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें -  देश का छठा 'पूर्ण साक्षर राज्य' बनेगा उत्तराखंड! केंद्र के कड़े मानकों को पछाड़ हासिल की 98% साक्षरता दर

कहां स्थित है दहेज एलएनजी टर्मिनल

भरूच में स्थित दहेज एलएनजी टर्मिनल भारत का सबसे बड़ा द्रवीकृत प्राकृतिक गैस आयात केंद्र है। इसके साथ ही देश के प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दिशा के आगमन से एलएनजी की उपलब्धता मजबूत होने और औद्योगिक और घरेलू खपत के लिए स्थिर ऊर्जा आपूर्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोल मॉडल बनीं मानसी, 'एपण चित्रकारी' को ब्रांड बनाकर व्यापार में कमाया नाम

भारत के उर्जा क्षेत्र को मिली राहत

पश्चिम एशिया में हालिया भू-राजनीतिक तनावों के बीच खासकर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े तनावों के कारण, एलएनजी वाहक के सुरक्षित आगमन ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र के हितधारकों को राहत देगी। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग बना हुआ है।

वहीं, इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकती है। इस समुद्री यात्रा की सफल समाप्ति भारत में निर्बाध ऊर्जा आयात के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों के महत्व को रेखांकित करती है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad