अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच फ्रांस में हुए एक ऐतिहासिक समझौते के बाद ईरान को तेल निर्यात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों से बड़ी राहत मिलने जा रही है। इस नए शांति समझौते के तहत समुद्री मार्ग ‘होर्मुज’को दोबारा खोल दिया जाएगा, जिससे अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह हट जाएगी और ईरान बिना किसी बंदिश के वैश्विक बाजार में खुलकर अपना कच्चा तेल बेचकर अरबों डॉलर की आय प्राप्त कर सकेगा।
फिलहाल इन प्रतिबंधों को निलंबित कर दिया गया है, और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देश आगे की विस्तृत बैठक के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान अगले 60 दिनों तक इस करार से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन मंथन करेंगे, जिसमें सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप साल 2015 के परमाणु समझौते से बेहतर कोई नया और स्थायी समझौता हासिल कर पाएंगे, जिसे उन्होंने आठ साल पहले रद्द कर दिया था।
इसके साथ ही, समझौते की शर्तों के अनुसार अगले 60 दिनों तक होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले किसी भी व्यापारिक पोतों से ईरान द्वारा कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा, जो वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुचारू बनाने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

