पिथौरागढ़- उत्तराखंड का पिथौरागढ़ ऐसा जिला है जो सैलानियों को बहुत लुभाता है। खासकर उन सैलानियों को जो कुदरत की कारीगरो को नजदीक से निहारना चाहते हैं। जो पहाड़ बर्फ बुग्याल में अपना वक्त गुजाराना चाहते हैं। पिथौरागढ़ उन ट्रैकर्स को भी रास आता है जो बर्फीले हिमालय की देह में पसरी बर्फ की चादर को छूना चाहते हैं।
कुछ ऐसे ही ट्रैकर्स का 14 सदस्यीय दल बीते शनिवार को पिथौरागढ़ के सीमांत इलाके मुनस्यारी से नंदा देवी बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। सात दिवसीय इस अभियान में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड के ट्रैकर्स शामिल हैं। उत्तराखंड की सबसे ऊंची चोटी नंदा देवी के बेस कैंप तक जाने वाला यह दल ल्वां गांव से पाछू ग्लेशियर तक ट्रैक करेगा।
आपको बता दें कि नंदा देवी 7,816 मीटर ऊंची चोटी है । अभियान के दौरान दल लगभग 5,400 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचेगा। दल में 14 ट्रैकरों के अलावा 12 पोर्टर और एक गाइड सहित कुल 27 सदस्य हैं। अभियान का मकसद दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय पर्यटन को नई पहचान दिलाना है।

