उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सोमवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा व्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर दिया है। बारिश के कारण यमुनोत्री पैदल मार्ग का 25 से 30 मीटर हिस्सा यमुना नदी के तेज बहाव में धंस गया है, जिससे पैदल आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। इसके अलावा, लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई जगहों पर मलबे से पट गए हैं।
जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास स्थिति बेहद गंभीर है। यमुना नदी के उफान पर आने से मार्ग का एक बड़ा हिस्सा कटकर नदी में समा गया। हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से इस रास्ते पर आवागमन बंद कर दिया है, जिससे यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की राह रुक गई है।
लोक निर्माण विभाग बड़कोट ने साफ किया है कि वर्तमान में यह पैदल रास्ता आवाजाही के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। लोनिवि अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और जल्द ही मजदूरों की मदद से एक वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा।
मार्गों के बंद होने से सड़कों पर वाहनों का पहिया थम गया है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पालीगाड, सिलाई बैन्ड, जंगल चट्टी, दुर्बिल और बाडिया में भारी मलबे व बोल्डर आने से बंद है। वहीं, गंगोत्री हाईवे भी नेताला, गंगनानी, सुनगर और भटवाड़ी चड़ेथी के पास भूस्खलन के कारण पूरी तरह बाधित हो चुका है।
रास्ते खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है। एनएच बड़कोट की टीम यमुनोत्री हाईवे पर और बीआरओ की टीमें गंगोत्री हाईवे पर लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं। प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द रास्तों को साफ कर यातायात को दोबारा शुरू कराया जाए।

