जब भाजपा के कार्यकर्ताओँ ने कहा,”खजानदास मुर्दाबाद !”

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सोचा था गब्बर खुश होगा यहां सांबाओं ने वाट लगा दी… उत्तराखंड के समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खजानदास ने सोचा भी नहीं होगा कि इतवार का दिन उनका स्वागत  मुर्दाबाद के नारों के साथ करेगा। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है! जिसकी उम्मीद नहीं होती वहीं हो जाता है। मंत्री जी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। रविवार को चकराता से भाजपा कार्यकर्ता उनके यमुना कॉलोनी वाले सरकारी आवास आ धमके। कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री प्रताप रावत भी थे और देहरादून की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधुचौहान भी।

मंत्री खजानदास के आवास के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप था कि जिस चकराता में भाजपा आज तक नहीं जीत सकी उसी चकराता में भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। कार्यकर्ता भाजपा को मजबूत करना चाह रहा है और मंत्री जी की कार्यशैली भाजपा को कमजोर कर रही है। ऐसे में कमल का फूल चकराता की वादियों मे कैसे खिलेगा। मंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं का इल्जाम है कि, समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित और जनजाति परिवारों के लिए जारी योजनाओं का अस्सी फीसद लाभ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पहुंचाया जा रहा है और भाजपा के कार्यकर्ताओं को मामूली लाभ। योजनाओं में भाजपा कार्यकर्ताओं को कोई तरजीह नहीं दी जा रही है। जिससे चकराता में कांग्रेस मजबूत हो रही है। भाजपा की छवि मजबूत नहीं हो पा रही है।

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मंत्री खजानदास के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने वाले पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री ने तो योजना में लाभ के लिए भ्रष्टाचार तक का इल्जाम लगा दिया। प्रताप रावत ने कहा इलाके के लोग कह रहे हैं पैसा लेकर योजना में नाम आया है। इससे उनकी धामी सरकार की इमेज खराब हो रही है। प्रताप रावत बार बार कह रहे थे, मंत्री जी अपनी कार्यशैली से हमारी धामी सरकार को बदनाम मत करो।

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वहीं देहरादून की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने भी जारी सूची को निरस्त कर दोबारा बनाने की मांग की है जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं को ज्यादा तरजीह दी जा सके। बहरहाल मधु चौहान और  प्रताप  रावत ने  धरना प्रदर्शन के दौरान जो कहा उसका लब्बोलुआब ये था कि , योजना की जो सूची जारी हुई है वो निरस्त होनी चाहिए और मामले की जांच पड़ताल होनी चाहिए। ताकि भाजपा की धामी सरकार चकराता में बदनाम न हो और चुनावी साल में भाजपा चकराता में मजबूत हो ताकि अबकी बार विधानसभा चुनाव में चकराता में कमल का फूल खिले।