टिहरी – पानी की भी अजब दास्तां हैं । नलों पर आ जाता है, तो चैन मिल जाता है और नहीं आता तो बेचैन कर जाता है। लिहाजा पानी की अहमियत को समझने वाले पानी की एक-एक बूंद की हिफाजत करते हैं। पानी की बर्बादी से उनका मन आहत हो उठता है।
टिहरी जिले के चंबा ब्लॉक में एक जगह है बुरांशखंडी। यहां सड़क पर एक पाइप लाइन पिछले दो-ढाई महीने से लीकेज हो रही है। दिन भर मे सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है लेकिन न तो जल संस्थान को फर्क पड़ रहा है और न उस लोकनिर्माण विभाग को जिसके दफ्तर के नीचे से पानी की पाइपलाइन गुजर रही है।
जल ही जीवन है, पानी का मोल पहचानिए का स्लोगन अपनी इमारतों और पानी के बिलों पर छपाने वाला जल महकमा बेफिक्र है. पानी की हो रही बर्बादी पर उसका सिस्टम दिल नहीं पसीज रहा । सड़क से गुजरने वाले राहगीर परेशान है या वो दानिशमंद लोग जिन्हें बिगड़ते हुई आबोहवा में पानी की बूंद की अहमियत मालूम है।
पाइप लाइन से रिसते पानी के चलते सड़क के किनारे किचड़ से सन गए है सड़क सदाबहार नहर बन गई है लेकिन मजाल क्या जो पानी की पाइप लाइन की मरम्मत की गई हो। ऐसे में सवाल उठता है वो महकमे कब जिम्मेदार बनेगे जिन्हें उनके कामों के लिए जनता के चुकाए टैक्स से पगार दी जाती है।
देश भक्ति का मतलब जान हथेली पर रखकर सिर्फ सरहद की हिफाजत ही नहीं है। देशभक्ति मुल्क के संसाधनो की हिफाजत से भी की जा सकती है। बस नजरिया चाहिए। इस पर आपकी क्या राय है कमेंट सेक्शन में जरूर जिक्र कीजिए। । ताकि महकमों को अपने फर्ज याद रहें।

