देहरादून में पानी का हाहाकार: बिजली गुल होने से खाली रह गए ओवरहेड टैंक, बूंद-बूंद को तरसी दून की जनता

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गर्मी की दस्तक के साथ ही जनता को दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है। शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और तकनीकी खराबियों के चलते जल संस्थान के ओवरहेड टैंक पूरी तरह नहीं भर पा रहे हैं, जिसके कारण दून के कई इलाकों में पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई वार्डों में छह घंटे से भी अधिक समय तक बिजली गायब रहने के कारण पानी के टैंक आधे भी नहीं भर पा रहे हैं, जिससे पूरी पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए जल संस्थान को कई संवेदनशील इलाकों में जेनरेटर लगाकर ट्यूबवेल चलाने पड़ रहे हैं, तब जाकर किसी तरह पानी की आंशिक रूप से आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

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टैंकों को पूरा भरने के लिए 6 घंटे की नियमित बिजली जरूरी

जल संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून जिले में कुल 275 ओवरहेड टैंक हैं, जिनकी कुल पानी भंडारण क्षमता 1 लाख 70 हजार 332 किलोलीटर है। विभागीय अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इन सभी टैंकों को उनकी पूरी क्षमता के अनुसार भरने के लिए रोजाना कम से कम छह घंटे की निर्बाध और नियमित बिजली आपूर्ति बेहद आवश्यक है।

इसके विपरीत, बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने के काम के चलते बिजली विभाग द्वारा बार-बार लंबे शटडाउन लिए जा रहे हैं, जिसकी वजह से ट्यूबवेल समय पर नहीं चल पा रहे हैं और कुल क्षमता का केवल 30 फीसदी हिस्सा ही भरा जा पा रहा है। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली बिजली कटौती देर शाम 6 बजे तक जारी रहने से सुबह पानी की आपूर्ति के बाद शाम की सप्लाई के लिए दोबारा ट्यूबवेल चलाना नामुमकिन हो रहा है।

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जल संस्थान ने ट्यूबवेल और टैंकों पर लगाए जेनरेटर

पेयजल की इस भारी किल्लत को देखते हुए जल संस्थान ने तात्कालिक राहत देने के उद्देश्य से कुछ वार्डों में विशेष व्यवस्था की है। उदाहरण के तौर पर, वाणी विहार वार्ड में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को देखते हुए विभाग ने वहां के ट्यूबवेल पर एक भारी-भरकम जेनरेटर स्थापित किया है, ताकि बिजली कटने पर भी पानी की पंपिंग प्रभावित न हो।

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इसके अलावा मेंहवाला क्षेत्र, डालनवाला, आर्यनगर, डीएल रोड, करनपुर, नेमी रोड, नई बस्ती, पुरण बस्ती और चंदररोड जैसे प्रमुख रिहायशी इलाकों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है, जहाँ लोग दूर-दराज से पानी का इंतजाम करने को मजबूर हैं। वहीं, न्यू रोड, फालतू लाइन और खुड़बुड़ा जैसे कुछ निचले क्षेत्रों से गंदे पानी की आपूर्ति होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

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