उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम जनता की थाली और जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने के कारण दून के बाजारों में फल और सब्जियों के दामों में अचानक भारी तेजी आ गई है, जिससे आम लोगों की रसोई का मासिक बजट पूरी तरह डगमगा गया है।
बुधवार को दून की छोटी मंडियों में रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले प्याज और टमाटर के भाव में सीधे पांच रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा सेब और अनार जैसे सेहतमंद फल भी आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं, जिनके दामों में पचास रुपये प्रति किलो तक का भारी अंतर देखा जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन कीमतों में और अधिक उछाल आ सकता है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी बना मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों और स्थानीय दुकानदारों के अनुसार इस अचानक आई महंगाई के पीछे मुख्य वजह पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि है। ईंधन के दाम बढ़ने से माल ढुलाई यानी ट्रांसपोर्टेशन का खर्च काफी बढ़ गया है, जिसका सीधा असर थोक और खुदरा बाजारों पर पड़ा है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही दून के बाजारों में खाद्यान्न से लेकर दूध और दही जैसी जरूरी डेयरी वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसने मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पहले ही गहरा बोझ डाल दिया था।
एक सप्ताह के भीतर ही आसमान पर पहुंचे फल और सब्जियों के दाम
बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों का ग्राफ केवल एक सप्ताह के भीतर ही तेजी से ऊपर भागा है। सब्जियों में जहां टमाटर और प्याज के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं फलों की श्रेणी में नींबू के दाम ढाई सौ रुपये प्रति किलो की बेहद ऊंची सतह को छू चुके हैं। इसी तरह सेब और अनार जैसी प्रीमियम श्रेणियों के फल भी पचास रुपये प्रति किलो तक महंगे होकर बिक रहे हैं।
‘डिलीशियस फ्रूट एंड वेजिटेबल शॉप’ के मालिक दिलजीत के मुताबिक बाजार में यह उतार-चढ़ाव काफी अप्रत्याशित है और हर बीतते दिन के साथ कीमतों का यह अंतर बढ़ता ही जा रहा है, जिसने आम ग्राहकों को खरीदारी सीमित करने पर मजबूर कर दिया है।

