राजधानी देहरादून में अवैध और अनियोजित निर्माणों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने नियमों की अनदेखी और बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे कई व्यावसायिक निर्माणों को पूरी तरह सील कर दिया है।
इस कार्रवाई के तहत हरभजवाला क्षेत्र में बिना अनुमति के बनाई जा रही छह दुकानों और शिमला बाईपास रोड स्थित तेलपुर चौक के पास व्यावसायिक उपयोग के लिए बन रहे करीब नौ कमरों के निर्माण पर सीलिंग की गाज गिरी है। एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेश पर सहायक अभियंता विजय सिंह रावत और अवर अभियंता मुनेष राणा की मौजूदगी में इस पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि शहर के सुनियोजित विकास के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध निर्माण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोटिस और चालान की अनदेखी करने हुई कार्रवाई
इस सीलिंग की कार्रवाई से पहले प्राधिकरण द्वारा संबंधित निर्माणकर्ताओं को सुधरने और अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाले इन निर्माणकर्ताओं के खिलाफ पहले चालानी कार्रवाई की गई थी और उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जब निर्माणकर्ताओं की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उन्होंने अवैध निर्माण कार्य जारी रखा, तब जाकर एमडीडीए ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन परिसरों को सील करने का अंतिम फैसला लिया।
सुनियोजित विकास और जन सहूलियत के लिए अभियान रहेगा जारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध व्यावसायिक निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था, जल निकासी और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी भारी दबाव डालते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से मानचित्र स्वीकृत कराएं। इसके साथ ही प्राधिकरण ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि कानूनसम्मत और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ यह सीलिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।

