छत्तीसगढ़ के बस्तर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों को बेहद प्रमुखता से उठाया। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सभी सीमावर्ती राज्यों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, साथ ही खुफिया सूचनाओं के त्वरित और प्रभावी आदान-प्रदान की भी सख्त आवश्यकता है।
उन्होंने राष्ट्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए सभी राज्यों के बीच आपसी संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही। इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों समेत विभिन्न राज्यों के मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लेकर क्षेत्रीय विकास की दिशा में विस्तार से मंथन किया।
आपदा प्रबंधन के लिए तकनीकी संसाधनों का प्रयोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के दौरान बढ़ते साइबर अपराधों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक संयुक्त और आधुनिक रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि बदलते दौर के साथ साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सभी राज्यों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे और एक-दूसरे के साथ तकनीकी सहयोग साझा करना होगा।
इसके साथ ही, उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य के लिए आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता जताते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी संसाधनों का अधिकतम प्रयोग करके ही जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारी और समन्वित संघीय व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।
हरिद्वार कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए मांगा सहयोग
बैठक के दौरान सीएम धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े दो ऐतिहासिक आयोजनों का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने विश्व-प्रसिद्ध मां नंदा राजजात यात्रा और हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य कुंभ मेले की तैयारियों का जिक्र करते हुए केंद्र और पड़ोसी राज्यों से विशेष सहयोग की मांग की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दोनों आयोजन केवल उत्तराखंड के नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं, जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, बेहतर यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए केंद्र सरकार और सभी संबंधित राज्यों के बीच एक मजबूत और समन्वित सहयोग की आवश्यकता है, ताकि इन बड़े आयोजनों को पूरी तरह से सुरक्षित और सफल बनाया जा सके।

