Uttarakhand Weather Alert: स्वतंत्रता दिवस पर भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड मौसम विभाग द्वारा 13 अगस्त 2026 को जारी चेतावनी के बाद राज्य में आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। 14 से 17 अगस्त के दौरान प्रदेश भर में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने संवेदनशील पहाड़ी और तटीय इलाकों में विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित राहत व बचाव कार्य के लिए तैयार रहने को कहा है।

यह भी पढ़ें -  सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट से ₹17 करोड़ के जाली नोट बरामद; 3 सीनियर बैंक अधिकारी सस्पेंड, हड़कंप

मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जनपदों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा और बारिश का अत्यंत तीव्र दौर देखने को मिल सकता है। वहीं, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

यह भी पढ़ें -  Udham Singh Nagar: मामूली विवाद पर 9 साल के मासूम ने 11 साल के दोस्त की छाती में घोंपा चाकू

स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को पूरे प्रदेश में ‘येलो अलर्ट’ लागू रहेगा। इस दिन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत और बागेश्वर के पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और भारी बारिश होने के आसार हैं।

इसके बाद 16 अगस्त को चम्पावत, बागेश्वर और नैनीताल में फिर से ‘ऑरेंज अलर्ट’ रहेगा, जहां अत्यंत तीव्र बारिश की संभावना है। वहीं 17 अगस्त को देहरादून और टिहरी जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है, जबकि राज्य के बाकी जनपदों में तेज गर्जन के साथ भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी रहेगा।

यह भी पढ़ें -  मसूरी गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्थल पहुंचे मंत्री खजान दास, अमर बलिदानियों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

आपदा प्रबंधन विभाग ने आम नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उफनते नदियों-नालों के किनारे न जाएं, भूस्खलन संभावित संवेदनशील पहाड़ी रास्तों को पार करने की कोशिश न करें और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित पक्के भवनों में ही शरण लें।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad