उत्तराखंड वोटर लिस्ट पुनरीक्षण 2026: फर्जी नाम हटेंगे- नए जुड़ेंगे, निर्वाचन अधिकारी के सख्त निर्देश

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उत्तराखंड में आगामी चुनावों की शुचिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारियां तेज कर दी हैं, जिसके संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का एक भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और साथ ही फर्जी या अपात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से पूरी तरह हटा दिए जाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की है, ताकि लोकतांत्रिक प्रणाली को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।

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एसआईआर प्रक्रिया का संपूर्ण कार्यक्रम

राज्य में इस विशेष पुनरीक्षण अभियान को 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संपन्न किया जाएगा, जिसकी पूरी समयसारणी तय कर दी गई है। इसके तहत 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य किया जाएगा, जिसके बाद 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर इन प्रपत्रों का वितरण और संकलन करेंगे।

इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट रोल का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा और नागरिकों को अपने दावे व आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक का समय दिया जाएगा। इन प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 के बीच कर दिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम रूप से तैयार की गई सटीक मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

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राजनीतिक दलों की सहभागिता

मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और विश्वसनीय बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से आगामी दो सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पोलिंग बूथों पर अपने BLA नियुक्त करने का विशेष आग्रह किया है। राज्य के वर्तमान चुनावी ढांचे के अनुसार कुल 11,733 पोलिंग बूथों के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा लगभग 22 हजार बीएलए की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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बैठक के दौरान अधिकारियों ने ‘बुक ऑन कॉल विद बीएलओ’ योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक विमर्श में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहित भाजपा, कांग्रेस, बसपा और सीपीआई के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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