NEET-UG Re-Exam: परीक्षार्थियों को मिलेंगे 15 मिनट ज्यादा, रद्द परीक्षा की फीस होगी वापस

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केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के संबंध में परीक्षार्थियों के हित में कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। देश के लगभग 23 लाख छात्रों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने घोषणा की है कि आगामी 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा में छात्रों को पेपर हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके साथ ही, पूर्व में रद्द हुई परीक्षा के लिए जमा किया गया आवेदन शुल्क भी छात्रों को उनके खातों में वापस लौटा दिया जाएगा और इस री-एग्जाम के लिए उनसे कोई नया शुल्क या नया रजिस्ट्रेशन नहीं लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने सभी छात्रों से बिना किसी डर के परीक्षा में शामिल होने की अपील करते हुए आश्वस्त किया है कि सरकार पूरी तरह उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अगले साल से इस परीक्षा को पूरी तरह ऑनलाइन मोड में कराने की योजना पर काम चल रहा है ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को न्यूनतम या शून्य किया जा सके।

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अपडेट विंडो और मनपसंद परीक्षा शहर चुनने की सुविधा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अनुसार, दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को एक बार फिर से आवेदन करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि उनका पुराना रोल नंबर और डेटा ही मान्य रहेगा। हालांकि, छात्रों की सुविधा के लिए एक विशेष सुधार (अपडेट) विंडो ओपन की गई है जो 21 मई तक खुली रहेगी। इस दौरान छात्र अपने आवेदन में पते को अपडेट कर सकते हैं और अपनी पसंद के दो नए परीक्षा शहरों का चयन भी कर सकते हैं। जो छात्र इस नई सुविधा का उपयोग कर अपने परीक्षा केंद्र के शहर को बदलना नहीं चाहते हैं, उन्हें उसी शहर में परीक्षा देनी होगी जिसे उन्होंने मई 2026 की पिछली परीक्षा के दौरान चुना था। इसके अतिरिक्त, छात्रों की सहूलियत के लिए उनके एडमिट कार्ड 14 जून तक आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे।

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परिवहन व्यवस्था और तकनीकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय विभिन्न राज्य सरकारों और मुख्यमंत्रियों के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने जा रहा है। परीक्षा के दिन 21 जून को होने वाले मौसम के मिजाज और आकस्मिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी बैकअप प्लान तैयार किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, भविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े तकनीकी बदलाव किए जाएंगे, जिसके तहत छात्रों को केंद्रों पर कंप्यूटर और माउस दिए जाएंगे और निर्धारित समय पूरा होते ही डिजिटल ओएमआर शीट अपने आप ‘ऑटो सबमिट’ हो जाएगी। साइबर अपराधों और पेपर लीक से जुड़ी सामग्री फैलाने वाले नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए विभाग ने टेलीग्राम के करीब 120 संदिग्ध चैनलों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है।

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