भारत-UAE के बीच ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौता: ऊर्जा, रक्षा और सुपरकंप्यूटर समेत 6 क्षेत्रों में बनी सहमति

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पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का दौरा कूटनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद कारगर साबित हुआ है। आबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, जहाजरानी, एलपीजी आपूर्ति और सुपर कंप्यूटर सहित छह प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के समझौतों पर अंतिम मुहर लगी है।

पश्चिम एशिया में शांति बहाली और स्थिरता के लिए दोनों नेताओं ने हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है, साथ ही भारत ने यूएई में पांच अरब डॉलर के बड़े निवेश की भी घोषणा की है। यह रणनीतिक दौरा दोनों देशों के बीच कच्चे तेल के भंडारण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा, जो वैश्विक संकट के समय भारत की घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।

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रणनीतिक स्वागत और द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री मोदी के यूएई पहुँचने पर हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति अल नाहयान ने स्वयं उनकी अगवानी की, और जब भारतीय प्रधानमंत्री का विमान खाड़ी देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तब यूएई के लड़ाकू विमान एफ-16 ने उसे एस्कॉर्ट कर विशेष सम्मान दिया।

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वार्ता के दौरान दोनों देशों ने हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया। द्विपक्षीय समझौतों के तहत कच्चे तेल के रणनीतिक भंडारण और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति को लेकर बेहद अहम फैसले लिए गए हैं, क्योंकि हॉर्मुज बंद होने की आशंकाओं के बीच यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है।

यूरोप के चार देशों के साथ गहरे आर्थिक संबंधों का नया खाका

यूएई दौरे के तत्काल बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के अगले चरण के तहत 15 से 20 मई के बीच यूरोप के चार प्रमुख देशों—नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इन चारों देशों के साथ भारत का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 55 अरब डॉलर से अधिक का है, जिसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी है।

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इस यात्रा के दौरान नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन, स्वीडन के साथ रक्षा उपकरण व दूरसंचार, नॉर्वे के साथ ‘ब्लू इकोनॉमी’ व निवेश तथा इटली के साथ 2025-2029 की रणनीतिक कार्ययोजना के तहत अंतरिक्ष और हरित ऊर्जा जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर गहन मंथन किया जाएगा।

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