उत्तराखंड में नियमों को ताक पर रखकर और मानकों के विपरीत होमस्टे का संचालन करने वालों पर जिला प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। देहरादून जिला प्रशासन ने मई महीने में दो चरणों के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है, जिसमें हाल ही में होटल के रूप में अवैध रूप से संचालित होने वाले 79 होमस्टे शामिल हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर प्रशासन ने एक विशेष ‘ऑपरेशन सफाई’ शुरू किया है, जिसके तहत मानकों का उल्लंघन करने वाले इन होमस्टे को पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी हटाने (विलोपित करने) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि पर्यटकों के साथ किसी भी प्रकार का धोखा न हो।
प्रशासनिक निरीक्षण में मिली गंभीर कमियां
इस व्यापक कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 136 होमस्टे का औचक निरीक्षण किया था। इसके अलावा सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में जांच के लिए क्षेत्रवार विशेष समितियों का गठन किया गया था। इन समितियों द्वारा की गई जांच के दौरान 96 होमस्टे ऐसे पाए गए जो ‘उत्तराखंड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली’ के कानूनी प्रावधानों के अनुरूप काम नहीं कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में अनिवार्य रसोई (किचन) की व्यवस्था ही गायब मिली, तो कहीं आग से बचाव के लिए जरूरी अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं थे। कुछ स्थानों पर तो एक्सपायरी डेट के सुरक्षा उपकरण पाए गए, जबकि कई होमस्टे कागजों पर पंजीकृत होने के बावजूद धरातल पर संचालित ही नहीं हो रहे थे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट किया है कि सरकार की होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य पर्यटकों को उत्तराखंड की स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों से रूबरू कराना और ग्रामीण व स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है। हालांकि, कई संचालक इस मूल भावना के विपरीत होमस्टे को पूरी तरह व्यावसायिक होटल की तरह चला रहे थे, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, इसी समाचार पत्र में एक अन्य प्रशासनिक गतिविधि की भी जानकारी दी गई है, जिसके तहत जनगणना 2027 के अंतर्गत शुक्रवार को सर्किल 52 के सुपरवाइजर सुरेंद्र कुमार सहगल के नेतृत्व में एक टीम ने जिलाधिकारी सविन बंसल के सरकारी आवास पर पहुंचकर भवन गणना का कार्य ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया, जहां टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत भवन संबंधी विवरण एकत्रित किए।

