उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की, जिसमें राज्य की प्रगति को लेकर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। इस संवाद के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी राज्य बनाने के संकल्प को सिद्ध करने के लिए उद्योगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि औद्योगिक जगत केवल आर्थिक संपत्ति का निर्माण नहीं करता, बल्कि राष्ट्र निर्माण, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में कार्य करता है। राज्यपाल ने निजी क्षेत्र को विकास प्रक्रिया का एक ‘स्ट्रेटेजिक फोर्स मल्टीप्लायर’ बताया जो निवेश, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन क्षमता के जरिए राज्य के विकास की गति को कई गुना बढ़ा सकता है।
उद्योग और शिक्षा जगत का समन्वय
राज्यपाल ने संवाद के दौरान इस बात को रेखांकित किया कि राज्य की विकास यात्रा को केवल सरकार के प्रयासों से पूर्ण नहीं किया जा सकता, इसके लिए एक मजबूत सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए सरकार, औद्योगिक संस्थानों, शिक्षा जगत और प्रशासन के बीच एक निरंतर संवाद और तालमेल होना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आगामी समय में एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इन सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठाकर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सामूहिक मंथन का मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड के विकास के लिए एक ठोस और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करना है, जिससे राज्य की जमीनी समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
निवेश संवर्धन पर विशेष विमर्श
भेंट के दौरान सीआईआई के सदस्यों ने राज्यपाल के समक्ष औद्योगिक विकास, कौशल उन्नयन (Skill Development) और निवेश को बढ़ावा देने से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि किस प्रकार बेहतर कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं और राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकता है। इस अवसर पर सीआईआई उत्तराखंड के अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राज्यपाल ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि उद्योगों के सहयोग से राज्य में नवाचार और रोजगार सृजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।

