देहरादून पुलिस ने कैंट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक सघन वाहन चेकिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध नकदी पकड़ने में सफलता हासिल की है। सिरमौर मार्ग पर जांच के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र नंबर की एक संदिग्ध स्कॉर्पियो-एन कार को रोका, जिसकी गहन तलाशी लेने पर उसमें बने एक विशेष गुप्त केबिन का पता चला।
इस सीक्रेट केबिन के भीतर अत्यंत शातिर तरीके से लगभग 1.55 करोड़ रुपये की नकदी छिपाकर रखी गई थी। पुलिस की इस सतर्कता ने बड़े वित्तीय हेरफेर का पर्दाफाश किया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत इस घटना की सूचना आयकर विभाग को दी, ताकि इस बड़ी धनराशि के स्रोत और वैधता की सही तरीके से जांच की जा सके।
संदिग्धों से पूछताछ और मामले का खुलासा
वाहन चेकिंग के दौरान कार में तीन व्यक्ति सवार थे, जिनकी पहचान गुजरात निवासी सतीश भाई, जसवंत संघ बनाजी और सचिन पटेल के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में मुख्य आरोपी सतीश भाई ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे उसने वाहन के भीतर नकदी छिपे होने की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यह भारी भरकम रकम बनारस से लाई जा रही थी और इसे जसवंत नामक व्यक्ति को सौंपा जाना था। हालांकि, कार में सवार तीनों व्यक्ति बरामद की गई इस बड़ी धनराशि से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या सबूत पेश करने में पूरी तरह विफल रहे, जिससे इस नकदी के अवैध होने का संदेह और गहरा गया है।
बरामदगी के बाद आयकर विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर अपनी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और बरामद नकदी को अपने कब्जे में ले लिया है। क्षेत्राधिकारी स्वप्निल मुयाल के अनुसार, पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है और पकड़े गए तीनों व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। वर्तमान में आयकर विभाग इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि इतनी बड़ी रकम का वास्तविक मालिक कौन है और इसे किस उद्देश्य से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था। इस मामले में आगे की पूरी वैधानिक कार्यवाही अब आयकर विभाग द्वारा अमल में लाई जाएगी।

