भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन 29 मई को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के दो दिवसीय दौरे पर आ सकते हैं। इस प्रवास के दौरान उनका मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करना और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाना है।
हालांकि यह दौरा पहले मई के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित था, लेकिन पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उनसे मुलाकात कर राज्य आने का न्योता दिया था, जिसके बाद अब 29 और 30 मई का कार्यक्रम तय किया गया है। इस यात्रा के दौरान वे कोर कमेटी, कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ गहन बैठकें करेंगे ताकि चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके।
कम अंतर वाली सीटों पर विशेष ध्यान
नितिन नवीन के इस दौरे का एक प्रमुख केंद्र बिंदु राज्य की वे विधानसभा सीटें हैं, जहां साल 2022 के चुनाव में भाजपा को बहुत कम अंतर से जीत हासिल हुई थी। पार्टी इन सीटों पर जीत के अंतर को बढ़ाने के लिए एक विशेष और अलग रणनीति पर काम कर रही है। साथ ही, जिन सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, वहां की जिम्मेदारी सीधे प्रदेश पदाधिकारियों को सौंपी जाएगी ताकि हार के कारणों को दूर कर संगठन को फिर से खड़ा किया जा सके। संगठन के सामने लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करने की बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए राज्य स्तर पर किए गए दो सर्वे की रिपोर्ट भी राष्ट्रीय नेता के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर तक की समीक्षा
इस दो दिवसीय प्रवास का एक बड़ा हिस्सा संगठनात्मक ढांचे की कमियों को पहचानने और उन्हें समय रहते सुधारने पर केंद्रित रहेगा। नितिन नवीन न केवल शीर्ष नेताओं बल्कि बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पार्टी का संदेश हर घर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। जिन क्षेत्रों में संगठन को जीत की संभावना कम नजर आएगी या जहां जीत का प्रतिशत गिरने का डर होगा, वहां के लिए तत्काल प्रभाव से नई रणनीतियां बनाई जाएंगी। इस दौरे के माध्यम से भाजपा अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर विपक्षी दलों को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।

