देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने बताया कि गैरसैंण में 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले आगामी विधानसभा सत्र के लिए विधायकों की ओर से अब तक कुल 426 सवाल पूछे जा चुके हैं। यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि पक्ष और विपक्ष के कुल 31 विधायकों ने प्रश्नकाल के लिए ये सवाल लगाए हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम का सीधा असर राज्य की प्रशासनिक और विधायी गतिविधियों पर पड़ रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सचिवालय सत्र के सफल आयोजन की तैयारियों में पूरी तरह जुट गया है और सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। सत्र की अवधि सिर्फ दो दिन रखे जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की अवधि तय करना सरकार का अधिकार है। उन्होंने कहा कि विधानसभा को जितनी भी अवधि मिली है, उसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिक से अधिक उपयोग करना है।
सत्र के सुचारू संचालन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है। उन्होंने पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों से सदन की गरिमा बनाए रखने और इसके सफल संचालन में सहयोग देने का आग्रह किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावों से ठीक पहले आयोजित होने वाले इस छोटे सत्र के दौरान सरकार कुछ अहम विधेयकों के साथ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कर सकती है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए दो टूक कहा कि सरकार इस सत्र का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार विपक्ष द्वारा लाए जाने वाले राज्यहित के हर मुद्दे पर सकारात्मकता से जवाब देगी। उन्होंने विपक्ष के रुख पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके भ्रामक और दुष्प्रचार वाले विषयों पर अब जनता विश्वास नहीं करती, फिर भी सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

