Uttarakhand: उपनल कर्मियों को समान वेतन के लिए नहीं देनी होगी परीक्षा, आदेश निरस्त

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देहरादून। जल संस्थान प्रबंधन ने उपनल कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए समान काम का समान वेतन पाने के लिए परीक्षा देने का आदेश निरस्त कर दिया है। जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने आदेश रद्द किए जाने की आधिकारिक पुष्टि की है। इस फैसले से संस्थान में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर और स्टेनो सहित सभी उपनल कर्मियों को सीधी राहत मिली है।

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इससे पहले जल संस्थान प्रबंधन ने उपनल कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन देने का आदेश जारी किया था, लेकिन उसमें एक सख्त शर्त जोड़ दी थी। शर्त के मुताबिक डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए कंप्यूटर टाइपिंग और स्टेनो कर्मचारियों के लिए शॉर्टहैंड परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया था। इस बाध्यकारी शर्त के चलते कर्मचारियों में गहरा असंतोष फैल गया था।

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परीक्षा की शर्त के विरोध में जल संस्थान अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने उग्र रुख अपनाया और बुधवार को सीजीएम डीके सिंह का घेराव किया। कर्मचारियों के लगातार विरोध प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के आगे आखिरकार प्रबंधन को झुकना पड़ा और इस विवादास्पद आदेश को वापस लेने का फैसला किया गया।

सीजीएम डीके सिंह ने स्पष्ट किया कि उपनल कर्मियों को समान वेतन का लाभ देने के लिए अब किसी भी तरह का कौशल परीक्षण या परीक्षा आयोजित नहीं होगी। प्रबंधन द्वारा आदेश निरस्त किए जाने के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है और अब बिना किसी परीक्षा के उन्हें समान काम का समान वेतन मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।