उत्तराखंड शिक्षकों को बड़ी राहत, पदोन्नति और स्थानांतरण पर सहमति

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देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी शिक्षकों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के साथ बैठक में सहायक अध्यापकों की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति और शिक्षकों के स्थानांतरण पर अहम सहमति बनाई। इस फैसले से राज्य के हजारों शिक्षकों के सेवा संबंधी मुद्दे सुलझने के रास्ते खुल गए हैं।

बैठक में शिक्षा मंत्री ने महानिदेशक और निदेशक माध्यमिक को निर्देश दिया कि योग्य सहायक अध्यापकों को प्रवक्ता पदों पर तुरंत पदोन्नति दी जाए। उन्होंने लोक सेवा आयोग की देरी का हवाला देते हुए तदर्थ पदोन्नति की प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए।

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स्थानांतरण नीति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। तय हुआ कि 15 जुलाई से स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होकर अगस्त माह में पूरी कर ली जाएगी। एक स्थान पर 10 वर्ष से अधिक समय तक तैनात शिक्षकों को प्राथमिकता देने और अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए 5 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों के अनुरोध पर सहमति बनी। इससे विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को फायदा होगा।

प्रोन्नत वेतनमान पर भी बड़ा फैसला

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राजकीय एलटी समायोजित पदोन्नत शिक्षक संघर्ष मंच के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में शिक्षा मंत्री ने प्रोन्नत वेतनमान का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश महानिदेशक आकांक्षा कोहली को दिए। मंच के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर फुलोरिया ने इस पर संतोष जताया।

25 जून को शिक्षा सचिव रविनाथ रमन की अध्यक्षता वाली बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की पत्रावली के वित्त विभाग में दोबारा परीक्षण पर सहमति बनी थी। बैठक में राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री रमेश चंद्र पैन्यूली और शिक्षक संघर्ष मंच के महासचिव सुजान बुटोला समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी न हो। शिक्षक संगठनों ने इस सहमति का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तय समयसीमा के अंदर सभी वादे पूरे किए जाएंगे। यह बैठकें उत्तराखंड में शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे असंतोष को दूर करने की दिशा में सकारात्मक कदम मानी जा रही हैं।

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