अमित शाह की बैठक में गूंजा उत्तराखंड का ‘गुंजी मॉडल’, चीन-नेपाल सीमा सुरक्षा पर बड़ा फैसला

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नई दिल्ली। देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, नई दिल्ली में आज 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में देश की पहली ‘Land Border District SPs Conference-2026’ आयोजित की गई।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक में देश के 18 सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख और सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने हिस्सा लिया।

गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में हुए इस सम्मेलन में कई संवेदनशील मुद्दों पर मंथन किया गया, जिनमें मुख्य रूप से सीमा-पार आतंकवाद और संगठित अपराध पर लगाम, सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहा जनसांख्यिकीय परिवर्तन, वित्तीय अपराध, ड्रग्स तस्करी और अवैध धन प्रवाह और सीमा विकास में स्थानीय नागरिकों की सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।

उत्तराखंड के इन 5 सीमांत जिलों पर रहा फोकस

नेपाल और तिब्बत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े होने के कारण इस बैठक में उत्तराखंड की भौगोलिक और सामरिक स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। सूबे के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के नेतृत्व में राज्य के पांच सीमांत जिलों ऊधमसिंहनगर, पिथौरागढ़, चम्पावत, उत्तरकाशी और चमोली के पुलिस अधीक्षकों ने इस बैठक में सीधे प्रतिभाग किया।

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इसके अलावा, उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली और महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस नीतिगत बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

देश के सामने रखा गया उत्तराखंड का ‘गुंजी मॉडल’

सम्मेलन के ‘कम्युनिटी एंगेजमेंट फॉर बॉर्डर डेवलपमेंट’ सत्र में चम्पावत की SP श्रीमती रेखा यादव ने उत्तराखंड पुलिस का एक विशेष प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘Five Pillars of Community Force Multiplication’ का फॉर्मूला देश के सामने रखा।

क्या है 5 पिलर्स फॉर्मूला?

उत्तराखंड पुलिस का यह मॉडल मुख्य रूप से पांच स्तंभों विश्वास, सूचना, सहभागिता, क्षमता निर्माण और प्रोत्साहन व संरक्षण पर आधारित है। इस दौरान उत्तराखंड में सीमांत सुरक्षा के लिए चलाई जा रही ‘रात्रि चौपाल’ पहल की सराहना की गई। साथ ही, पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में पलायन रोकने के लिए विकसित किए गए ‘गुंजी मॉडल’ को रिवर्स माइग्रेशन के एक सफल उदाहरण के रूप में देश के सामने पेश किया गया।

अगले 3 साल में घुसपैठ मुक्त होगा देश: अमित शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की अवधारणा पर काम कर रही है। इसके तहत सुरक्षा बलों, जिला प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के समन्वय से एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया जा रहा है।

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गृह मंत्री ने बड़ा लक्ष्य साझा करते हुए कहा कि अगले तीन वर्षों में देश को नशीले पदार्थों की तस्करी और घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए सुदृढ़ व्यवस्था तैयार की जा रही है। उन्होंने ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के जरिए सीमांत गांवों में रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने पर विशेष जोर दिया।

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शाह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की सूचना समय पर उच्च स्तर तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रॉक्सी वार, कट्टरपंथ, ड्रोन और साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी और भी आधुनिक: DGP दीपम सेठ

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इस ऐतिहासिक सम्मेलन को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश की पहली सीमावर्ती एसपी कॉन्फ्रेंस से निकले निष्कर्ष और साझा किए गए अनुभव उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास और नागरिक सहभागिता को और अधिक मजबूत बनाने में गेमचेंजर साबित होंगे।

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