देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के कायाकल्प में हो रही देरी पर धामी सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून स्थित शिक्षा महानिदेशालय में समग्र शिक्षा परियोजना की समीक्षा करते हुए विभिन्न वित्तीय वर्षों से अटके पड़े 1068 निर्माण कार्यों को तुरंत पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। मंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ अब सीधे एफआईआर और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि राज्य में स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के सैकड़ों काम लंबे समय से लटके हुए हैं। इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि न केवल पुराने प्रोजेक्ट्स, बल्कि जितने भी नए निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं, उन्हें एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस फैसले का सीधा असर उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लाखों छात्र-छात्राओं की सुविधाओं पर पड़ने वाला है।
प्रशासनिक सुस्ती को दूर करने के लिए शिक्षा मंत्री ने अब जवाबदेही तय कर दी है। उन्होंने डिजिटल शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
अब हर जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी को अपने क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से शिक्षा महानिदेशालय को भेजनी होगी। ऐसा न करने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
बनेंगे हजारों स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी
उत्तराखंड के स्कूलों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और वर्चुअल कक्षाओं के संचालन को गति देने के लिए शिक्षा मंत्री ने नए व कड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2320 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की जाएंगी, जबकि डिजिटल शिक्षा के विस्तार के लिए 1203 नई ICT कक्षाओं को तैयार करने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, छात्रों को आधुनिक और वैश्विक पठन सामग्री मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य भर में 266 डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में इन तकनीकी सुधारों के अलावा, राज्य में खेल प्रतिभाओं और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिसके तहत वित्त वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किए गए 12 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधूरे निर्माण कार्यों को आगामी दो सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा करने का सख्त समय दिया गया है।
आंकड़ों की जुबानी: कितने काम हुए, कितने बाकी?
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समग्र शिक्षा के तहत उत्तराखंड में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूलों में निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का पूरा लेखा-जोखा सामने आया है। इसके तहत वित्त वर्ष 2018-19 से लेकर वित्त वर्ष 2025-26 के बीच कुल 7803 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से अब तक 5735 कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुके हैं, जबकि कुल 1068 निर्माण कार्य अभी भी अलग-अलग वजहों से अधूरे पड़े हुए हैं।
बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद
महानिदेशालय के सभागार में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में शिक्षा विभाग की पूरी लीडरशिप मौजूद थी। बैठक में शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोंडे ने मंत्री के सामने सभी प्रोजेक्ट्स की मौजूदा स्थिति का ब्योरा रखा।
उनके साथ SCERT की निदेशक वंदना गर्ब्याल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार सिमलटी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक के.एस. रावत और उप निदेशक जे.पी. काला भी मौजूद रहे, जिन्हें जमीन पर इन योजनाओं को समय से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

