देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उत्तराखंड कांग्रेस को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सख्त चेतावनी दी है। दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचे वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए एकजुटता और अनुशासन सबसे जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी में कोई भी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में जिला और महानगर अध्यक्षों के साथ साढ़े तीन घंटे चली बैठक में वेणुगोपाल ने संगठन की कमियों को खुलकर रखा। उन्होंने 10 अगस्त तक सभी ब्लॉक और जिला कमेटियों के गठन की चेतावनी देते हुए कहा कि इस डेडलाइन तक काम पूरा न हुआ तो संबंधित पदाधिकारी पद छोड़ दें।
राष्ट्रीय महासचिव ने कार्यकर्ताओं को साफ हिदायत दी कि आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा। बयानबाजी के बजाय पार्टी फोरम में मुद्दों का समाधान निकालें। बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा जैसे जन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाना है।
मुद्दों पर फोकस, 2027 फतह का लक्ष्य
नवगठित राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में वेणुगोपाल ने 2027 की रणनीति का खाका खींचा। उन्होंने कहा, “पार्टी को सत्ता में लाने के लिए सभी नेताओं को तालमेल के साथ काम करना होगा। छोटे-बड़े कोई भी नेता पार्टी लाइन से बाहर नहीं जा सकता।”
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि 2022 में सिर्फ एक वोट के अंतर से हार का बदला 2027 में लिया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने भाजपा की सरकारी मशीनरी के मुकाबले कांग्रेस के जज्बे पर भरोसा जताया।
वेणुगोपाल ने कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित देहरादून दौरे को सफल बनाने का आह्वान किया। मौसम को देखते हुए कार्यक्रम की तिथि में बदलाव की संभावना भी जताई गई।
बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, चुनाव अभियान समिति के प्रीतम सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वेणुगोपाल के इस दौरे को उत्तराखंड कांग्रेस में संगठनात्मक सुधार और अनुशासन बहाली की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

