देहरादून। दून अस्पताल में बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। उपचार के लिए आई एक युवती से अस्पताल का सफाईकर्मी छेड़छाड़ करते पकड़ा गया। युवती के शोर मचाते ही आसपास मौजूद लोगों ने आरोपी को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। अस्पताल प्रशासन ने आरोपी सफाईकर्मी को तत्काल निलंबित कर दिया है।
युवती दवा काउंटर पर आई थी। इसी दौरान सफाईकर्मी ने उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। युवती ने विरोध करते हुए जोर-जोर से चीख मारी। उसके शोर से पूरा इलाका गूंज उठा और मौजूद लोग दौड़कर आ गए। गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़ लिया और उसे कसकर पीटा।
भीड़ की मार से बचने के लिए आरोपी सफाईकर्मी ने हाथ जोड़े, लेकिन लोग नहीं माने। आखिरकार अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। तब तक आरोपी काफी घायल हो चुका था।
अस्पताल प्रबंधन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट के निर्देश पर आरोपी सफाईकर्मी को तुरंत निलंबित कर दिया गया। प्रबंधन ने साफ कहा कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दून चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार युवती का बयान दर्ज कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे
सूत्रों के मुताबिक आरोपी सफाईकर्मी पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। करीब ढाई महीने पहले 28 मई को भी एक महिला के साथ बेसमेंट में छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। ऐसे में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अस्पताल में रोज सैकड़ों महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। बेसमेंट, ओपीडी और काउंटर एरिया में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने और सीसीटीवी मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस घटना ने उस मांग को नई ताकत दे दी है।
युवती के परिजनों ने घटना पर गुस्सा जताते हुए कहा कि अस्पताल जैसी जगह पर महिला मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन ने एक आंतरिक कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही सभी कर्मचारियों को लिखित चेतावनी जारी की गई है। डॉ. बिष्ट ने कहा, “हम महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। दोषी किसी भी स्तर का हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”
स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया
घटना की सूचना फैलते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया। कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। स्थानीय लोगों ने दून अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी है। एसपी स्तर की निगरानी में जांच चल रही है। यह घटना उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से बहस छेड़ गई है। खासकर सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की निगरानी और आचरण पर सख्त नजर रखने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

