देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में पालतू कुत्तों को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर निगम की टीम ने मौके पर जाकर जांच की और नियमों के उल्लंघन पर एक कुत्ते के मालिक का 28 हजार रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। वहीं, इस खूनी संघर्ष को लेकर स्थानीय पुलिस ने भी दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नेहरू कॉलोनी की गली नंबर-16 में हुआ खूनी संघर्ष
यह पूरा विवाद करीब छह दिन पुराना है, जो नेहरू कॉलोनी में पुलिया नंबर छह के पास गली नंबर-16 में हुआ। यहाँ दो पालतू कुत्तों के आपस में लड़ जाने के बाद उनके मालिक आपस में भिड़ गए। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें गंभीर चोटें आई हैं। इस हिंसक झड़प के बाद नगर निगम और पुलिस दोनों की टीमें तुरंत एक्शन में आ गईं।
बिना रजिस्ट्रेशन मिला ‘अमेरिकन बुल’, चेन भी नहीं थी
नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को पशु अनुभाग की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। आरोपी अंकित भट्ट के घर पर ‘अमेरिकन बुल’ नस्ल का एक कुत्ता पाया गया। जांच में कुत्ते के वैक्सीनेशन के कागज तो सही मिले, लेकिन नगर निगम में उसका अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराया गया था।
इसके अलावा मालिक पर बिना चेन के कुत्ते को घर से बाहर घुमाने और इतनी बड़ी घटना के बाद भी निगम को इसकी सूचना न देने का दोष पाया गया। इन सभी नियमों को ताक पर रखने के कारण नगर निगम ने मालिक पर ₹28,000 का जुर्माना लगाया है।
पिटबुल के हमले का आरोप, पुलिस में क्रॉस FIR दर्ज
दूसरी ओर, नेहरू कॉलोनी थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। पहले पक्ष के नवीन भारद्वाज का आरोप है कि धर्मेंद्र प्रसाद भट्ट के खूंखार पिटबुल कुत्ते ने उनके पालतू कुत्ते पर जानलेवा हमला किया और बीच-बचाव करने पर उनके व उनके बेटे के साथ बुरी तरह मारपीट की गई।
वहीं, धर्मेंद्र भट्ट के पक्ष ने भी दूसरे पक्ष पर मारपीट के आरोप लगाते हुए काउंटर शिकायत दर्ज कराई है। नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि दोनों ओर से मिली शिकायतों के आधार पर क्रॉस मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निगम की सख्त डॉग नीति बेअसर? दूसरे कुत्ते की भी होगी जांच
देहरादून में खूंखार कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नगर निगम ने चार महीने पहले ही एक बेहद सख्त डॉग पॉलिसी लागू की थी। इस नीति के तहत भारी जुर्माने और एफआईआर का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद शहर में बिना रजिस्ट्रेशन के खूंखार नस्ल के कुत्ते पाले जा रहे हैं।
डॉ. वरुण अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि निगम की कार्रवाई अभी रुकी नहीं है। अब इस बात की जांच की जा रही है कि विवाद में शामिल दूसरा कुत्ता किस नस्ल का था और क्या उसका पंजीकरण हुआ था या नहीं। अगर दूसरे पक्ष के कागजातों में भी गड़बड़ी मिली, तो उनके खिलाफ भी सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी।

