देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘पंद्रह हजार पॉलीहाउस योजना’ में बरती जा रही ढिलाई पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। देहरादून सचिवालय में आयोजित नाबार्ड की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने काम की सुस्त रफ्तार पर उद्यान सचिव को जमकर फटकार लगाई। मुख्य सचिव ने साफ कहा कि पर्वतीय किसानों के लिए गेम चेंजर माने जा रहे इस प्रोजेक्ट की अब हर हफ्ते प्रोग्रेस रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने अक्टूबर 2023 में पिथौरागढ़ से इस 15 हजार पॉलीहाउस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। लेकिन सरकारी लेटलतीफी का आलम यह है कि तय लक्ष्य के मुकाबले जमीन पर अब तक केवल 1 हजार पॉलीहाउस भी तैयार नहीं हो पाए हैं, जिसे लेकर सरकार बेहद गंभीर है।
बजट अपडेट: 2026-27 के लिए 1000 करोड़ का लक्ष्य
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रोजेक्ट की वित्तीय प्रगति को लेकर भी मुख्य सचिव ने समीक्षा की, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रोजेक्ट के तहत 1,000 करोड़ रुपये की सहायता का प्रस्ताव रखा गया है। शासन स्तर को अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव मिल चुके हैं। प्रोजेक्ट को गति देने के लिए 271 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नाबार्ड को भेजे गए हैं, जिनमें से 210 करोड़ की डीपीआर नाबार्ड को प्राप्त हो चुकी है।

