देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सोमवार को प्रदेश की 97 मुख्य सड़कें बंद हो गईं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, इस मार्ग बंद होने की घटना से स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और लोग वैकल्पिक रास्तों से सफर करने के लिए मजबूर हैं।
मौसम के इस कड़े रुख के बीच राहत की बात यह रही कि लोक निर्माण विभाग की ओर से युद्धस्तर पर काम करते हुए सोमवार देर शाम तक 20 बंद सड़कों को दोबारा खोल दिया गया। इसके बाद राज्य में बंद पड़ी सड़कों का कुल आंकड़ा घटकर 77 रह गया है।
लोनिवि के विभागाध्यक्ष राजेश शर्मा ने इस स्थिति पर बताया कि राज्य में लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़कें बार-बार बंद हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग बंद पड़े मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।
विभागाध्यक्ष राजेश शर्मा ने आगे बताया कि सभी संबंधित डिवीजनों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रमुख सड़कों पर यातायात को हर हाल में खुला रखा जाए ताकि आम जनता को कोई बड़ा संकट न झेलना पड़े।
जानिए कहां कितनी सड़कें हैं बंद
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को बारिश की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान चमोली और बागेश्वर जिलों को उठाना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चमोली जिले की सर्वाधिक 29 सड़कें मलबे और भूस्खलन की वजह से बंद हुई हैं, जिससे संपर्क पूरी तरह कट गया है। वहीं बागेश्वर जिले की भी 20 मुख्य सड़कों पर मलबा आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
इसके अतिरिक्त देहरादून व उत्तरकाशी दोनों जनपदों में 8-8 मुख्य मार्ग मलबे की वजह से अवरुद्ध हैं। तो वहीं पिथौरागढ़ व टिहरी गढ़वाल जिलों में 6-6 सड़कें भारी बारिश के कारण आए मलबे और बोल्डरों के गिरने से बाधित हो चुकी हैं।
पहाड़ी और मैदानी जिलों में लगातार बोल्डर गिरने और सड़कें धंसने का सिलसिला जारी है। इन अवरोधों के कारण आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरी चीजों और चिकित्सा सेवाओं के लिए भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।

