चुनाव से पहले उत्तराखंड की 54 सड़कों का बदलेगा भाग्य, केंद्र को भेजा ₹1100 करोड़ का प्रस्ताव

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़कों का कायाकल्प करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रदेश की 54 प्रमुख सड़कों के सुधारीकरण, निर्माण और चौड़ीकरण के लिए केंद्र सरकार को 1100 करोड़ रुपये का एक भारी-भरकम प्रस्ताव भेजा गया है। देहरादून से मुख्य संवाददाता की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महापरियोजना के धरातल पर उतरने से प्रदेश की लाखों की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

चुनावी साल में कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर

चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले विकास कार्यों की झड़ी लगाने की कवायद के तहत लोक निर्माण विभाग ने यह बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। लोनिवि की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव के तहत चयनित की गई सभी 54 सड़कें राज्य के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

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इस बजट का इस्तेमाल सड़कों की स्थिति को पूरी तरह बदलने के लिए किया जाएगा। इसके अंतर्गत जर्जर हो चुकी पुरानी सड़कों की नए सिरे से मरम्मत और रिपेयरिंग की जाएगी। वहीं व्यस्त और संकरे रास्तों को चौड़ा किया जाएगा ताकि ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल सके। इसके अतिरिक्त कनेक्टिविटी से छूटे कुछ हिस्सों में नए सड़क मार्गों का निर्माण भी इस परियोजना के अंतर्गत शामिल है।

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केंद्रीय सड़क निधि से बजट मिलने की उम्मीद

इस भारी-भरकम बजट को हासिल करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने केंद्रीय सड़क निधि और केंद्र की अन्य महत्वपूर्ण ढांचागत योजनाओं के तहत वित्तीय मदद की मांग की है। वर्तमान में नेशनल हाईवे और राज्य की सड़कों से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट केंद्रीय स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। लोनिवि के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि चुनावी साल होने की वजह से दिल्ली से इन सभी 54 सड़क परियोजनाओं को बहुत जल्द प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिल सकती है।

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वहीं, लोक निर्माण विभाग अब केंद्र से मिलने वाली अंतिम हरी झंडी का इंतजार कर रहा है ताकि टेंडर प्रक्रिया को समय रहते शुरू किया जा सके। इन प्रस्तावित सड़कों के सुधरने से न सिर्फ स्थानीय लोगों का सफर आसान और सुरक्षित होगा, बल्कि राज्य में पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।

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