मसूरी में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति,11.7 किलोमीटर लंबे रोपवे नेटवर्क का जमीनी काम तेज

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उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में सालों से चली आ रही भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने और पर्यटन को नई रफ्तार देने के लिए प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। मसूरी रोपवे परियोजना के तहत बनने वाले 11.7 किलोमीटर लंबे विशाल नेटवर्क के लिए अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है।

इसी सिलसिले में आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने शुक्रवार को तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मसूरी के विभिन्न चयनित क्षेत्रों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया और रूट की व्यवहार्यता जांची।

किंक्रेग से गढ़वाल टैरेस का रूट तकनीकी रूप से सबसे उपयुक्त

आवास सचिव ने किंक्रेग से चिकचाकलेट और गढ़वाल टैरेस के बीच प्रस्तावित रूटों का बहुत ही बारीकी से जायजा लिया। इस तकनीकी समीक्षा के दौरान सामने आया कि चिकचाकलेट की तुलना में किंक्रेग पार्किंग से गढ़वाल टैरेस का स्थान रोपवे के लिए तकनीकी और व्यावहारिक रूप से कहीं अधिक उपयुक्त है।

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यह पूरी भूमि गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) की है, जहां पर्याप्त खुली जगह उपलब्ध है। इसके अलावा अधिकारियों की टीम ने माउंटरोज, लाल टिब्बा के नाहटा एस्टेट और कंपनी बाग के पास भी चयनित स्थलों की विस्तृत समीक्षा की।

तस्वीर संदर्भ (image_933d61.jpg): मसूरी के माउंटरोज पॉइंट पर रोपवे परियोजना के प्रस्तावित रूट का स्थलीय निरीक्षण करते आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, एसडीएम मसूरी राहुल आनंद व अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

इन टूरिस्ट पॉइंट्स को जोड़ेगा केबल कार नेटवर्क:

उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन के माध्यम से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देना है। यह रोपवे नेटवर्क मुख्य रूप से इन जगहों जॉर्ज एवरेस्ट,लाइब्रेरी चौक, लाल टिब्बा, कैमल बैक रोड, कैंपटी फाल को आपस में जोड़ेगा।

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पर्यावरण का रखा जाएगा विशेष ध्यान, बनेंगे 54 नए पार्किंग स्थल

इस बहुप्रतीक्षित मसूरी रोपवे परियोजना के पूरा होने से वीकेंड पर होने वाले भारी ट्रैफिक जाम से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल जाएगी। आवास सचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि निर्माण कार्यों के दौरान करीब 10 प्रतिशत ग्रीन एरिया आरक्षित रखना पूरी तरह अनिवार्य किया गया है ताकि प्रकृति को कोई नुकसान न पहुंचे।

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इसके साथ ही, आवास विभाग इस बड़ी योजना के समानांतर पूरे प्रदेश में 54 नए पार्किंग स्थल भी विकसित कर रहा है, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती मिलेगी। इस महत्वपूर्ण स्थलीय निरीक्षण के दौरान एसडीएम मसूरी राहुल आनंद, पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, मसूरी वन प्रभाग के प्रभारी अधिकारी महेंद्र सिंह चौहान और यूके मेट्रो कारपोरेशन के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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