उत्तराखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में 3,358 पदों पर बंपर भर्ती, मंत्री रेखा आर्या ने तय की डेडलाइन

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उत्तराखंड के महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में खाली पड़े 3,358 पदों पर इसी माह यानी अगस्त के अंत तक शत-प्रतिशत नियुक्तियां सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

देहरादून स्थित विधानसभा भवन के सभागार में शुक्रवार को आयोजित विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने यह फैसला सुनाया। विभाग ने इसके लिए बकायदा विज्ञप्ति भी जारी कर दी है ताकि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित तरीके से निपटाया जा सके।

कार्यकर्ता और सहायिकाओं की होगी भर्ती

समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने खाली पदों का पूरा ब्यौरा लेते हुए अधिकारियों को भर्ती में तेजी लाने के निर्देश दिए। बता दें कि वर्तमान समय पर कुल 3,358 रिक्त पदों पर नियुक्तियां होनी हैं, जिनमें से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए 587 पद, आंगनबाड़ी सहायिका के लिए 2,771 पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं गस्त महीने का अंतिम सप्ताह तक शत-प्रतिशत भर्ती अनिवार्य की गई है।

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SIR और BLO ड्यूटी पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के इन दिनों चल रहे SIR ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण मूल विभागीय कामकाज प्रभावित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए नया नियम तय किया है।

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अब से एसआईआर ड्यूटी के साथ-साथ हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रत्येक दिन कम से कम एक घंटा अनिवार्य रूप से अपने मूल केंद्र पर बैठकर विभागीय कामकाज निपटाना होगा। इसके लिए विभागीय सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जिलाधिकारियों को तत्काल पत्र जारी करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यकर्ता BLO कार्य के साथ-साथ अपने केंद्र को भी समय दें।

डेटा फीडिंग में लापरवाही पर रुकेगा केंद्र का बजट

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सचेत करते हुए कहा कि विभाग की ज्यादातर योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं और उनकी रोजाना ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाती है। यदि पोषण ट्रैकर एप या अन्य ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा फीडिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई, तो विभाग को केंद्र से मिलने वाला आगामी बजट प्रभावित हो सकता है।

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इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बेहद कम संख्या में बनने पर भी मंत्री ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने वर्चुअली जुड़े सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस माह के अंत तक सभी बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बन जाना अनिवार्य है, अन्यथा सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा समेत विभाग के तमाम अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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