देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में पालतू कुत्तों के विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच एक खौफनाक खूनी संघर्ष हुआ है। इस हिंसक झड़प में दून कोतवाली में तैनात दरोगा नवीन भारद्वाज और उनके बेटे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर उनका सिर फोड़ दिया गया। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि खुद दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने में पुलिस को चार दिन का वक्त लग गया।
यह पूरी सनसनीखेज वारदात नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के 6 नंबर पुलिया, आदर्श कॉलोनी में घटित हुई। दरोगा नवीन भारद्वाज अपने पोते के मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने परिवार के साथ आए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद रात को जब वह अपने पालतू कुत्ते को चेन से बांधकर गाड़ी की तरफ लौट रहे थे, तभी अचानक विवाद शुरू हो गया।
पिटबुल कुत्ते के हमले से भड़का विवाद
आरोप है कि रास्ते में रहने वाले धर्मेंद्र भट्ट के घर से अचानक एक खतरनाक पिटबुल कुत्ता बाहर आया और उसने दरोगा के पालतू कुत्ते की गर्दन पर सीधा झपट्टा मार दिया। दरोगा और उनके बेटे ने किसी तरह बीच-बचाव कर अपने कुत्ते को बचाया। दरोगा का आरोप है कि मदद करने के बजाय आरोपी पक्ष ने उनके साथ गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी।
लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला
जब दरोगा के बेटे ने इस बदसलूकी का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी धर्मेंद्र भट्ट, अंकित भट्ट, महेंद्र भट्ट और अंजलि भट्ट समेत पांच-छह अज्ञात लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर बाहर निकल आए। आरोपियों ने दरोगा नवीन भारद्वाज के सिर पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना में दून अस्पताल में इलाज के दौरान दरोगा नवीन भारद्वाज के सिर में छह टांके आए हैं। पिता को बचाने आए बेटे पर भी हमला हुआ, जिसके सिर में दो टांके आए हैं। दरोगा ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके गले से सोने की चेन लूट ली और मोहल्ले में दोबारा दिखने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
खाकी का यह हाल, तो आम आदमी का क्या मजाल?
घटना 2 जुलाई की है और घायल दरोगा ने उसी दिन थाने में तहरीर दे दी थी। इसके बावजूद नेहरू कॉलोनी पुलिस को मुकदमा दर्ज करने में चार दिन का समय लग गया, जिसके बाद रविवार को केस दर्ज हुआ। पुलिस की इस लेटलतीफी पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि जब पुलिस विभाग के अपने ही दरोगा की सुनवाई में चार दिन लग रहे हैं, तो आम जनता को कितनी मशक्कत करनी पड़ती होगी।
इधर, नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि इस खूनी संघर्ष में दोनों ही पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस को दोनों तरफ से शिकायत मिली थी, जिसके बाद सोमवार को दूसरे पक्ष की तहरीर पर भी क्रॉस मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

