देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां दबंगों से अपनी जमीन बचाने और बेटी की सुरक्षा के लिए एक बेबस विधवा महिला को राज्य मानवाधिकार आयोग की शरण लेनी पड़ी है। महिला का आरोप है कि गांव के ही कुछ रसूखदार उसकी भूमि पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक को तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने का सख्त आदेश दिया है।
यह पूरा मामला हरिद्वार के एक ग्रामीण इलाके का है, जहां पीड़ित महिला अपनी बेटी के साथ अकेले गुजर-बसर करती है। आयोग में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में महिला ने बताया कि वह अपने गांव में एक भूमि की सहमालकिन है। इसी भूमि को हथियाने के लिए गांव का ही एक दबंग व्यक्ति पिछले काफी समय से उसे प्रताड़ित कर रहा है।
पीड़िता का सीधा आरोप है कि आरोपी दबंग उसकी कीमती जमीन को जबरदस्ती खरीदना चाहता है, जबकि वह इसे बेचने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। जमीन देने से मना करने पर आरोपियों ने सारी हदें पार कर दीं और महिला को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली।
खौफनाक मोड़ तब आया जब दबंगों ने महिला की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसकी मासूम बेटी को जबरन उठा ले जाने की सीधी धमकी दे दी। इस खौफ के बाद मां-बेटी गांव छोड़कर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाने देहरादून स्थित राज्य मानवाधिकार आयोग के दफ्तर पहुंचीं।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने महिला की इस दर्दनाक आपबीती और सुरक्षा के खतरे का तुरंत संज्ञान लिया है। आयोग ने हरिद्वार पुलिस अधीक्षक को इस पूरे भूमि विवाद और धमकी के प्रकरण की निष्पक्षता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस को जल्द से जल्द इस मामले की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट आयोग के सामने पेश करनी होगी।

