देहरादून में जन्म प्रमाण पत्र डिजिटल करने के नियम बदले, CMO का अनुमोदन हुआ अनिवार्य

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देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून में सालों पुराने ऑफलाइन जन्म प्रमाण पत्र को ऑनलाइन रूप में बदलने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी का अनिवार्य अनुमोदन लेना होगा। पोर्टल पर करीब 10 दिन पहले आए एक नए अपडेट के बाद पैदा हुई तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

अब विभाग ने ओटीपी की पुरानी उलझन को खत्म करते हुए सीधे सीएमओ के डिजिटल हस्ताक्षर से अनुमति देने की व्यवस्था शुरू की है। इसके साथ ही देहरादून सीएमओ कार्यालय में लंबित आवेदनों को तेजी से निपटाने के लिए एक विशेष क्लर्क की तैनाती भी कर दी गई है।

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ओटीपी के चक्कर में फंसे 500 से अधिक आवेदन

दरअसल, 10 दिन पहले जब पोर्टल अपडेट हुआ, तो डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए सीएमओ के मोबाइल पर ओटीपी भेजने का नियम बनाया गया था। इसके बाद कर्मचारी हर सर्टिफिकेट के लिए सीधे सीएमओ को फोन कर ओटीपी मांगते थे।

देहरादून में ‘Birth Certificate Online’ कराने के लिए रोजाना 100 से ज्यादा आवेदन आ रहे हैं। ऐसे में भारी संख्या के कारण बार-बार ओटीपी देना व्यावहारिक रूप से असंभव हो गया। जानकारी के अभाव में कर्मचारी भी शुरुआती दिनों में गफलत में रहे, जिससे 500 से अधिक आवेदकों के फॉर्म बीच में ही लटक गए।

पहाड़ के दूरदराज के लोग हुए परेशान

इस तकनीकी खराबी का सबसे बुरा असर उत्तराखंड के पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों से आने वाले आम नागरिकों पर पड़ा। आवेदनों के अटकने के बाद देहरादून के सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में तय हुआ कि प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब ओटीपी के बजाय सीधे डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग किया जाएगा।

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वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि शुरुआत में ओटीपी वेरिफिकेशन के कारण काफी तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। लेकिन जनता की परेशानी को देखते हुए अब डिजिटल हस्ताक्षर से सीधे अनुमोदन दिया जा रहा है और लिपिक को सख्त निर्देश हैं कि कोई भी फाइल पेंडिंग न रहे।

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सब-रजिस्ट्रार के तबादले से काम ठप

एक तरफ नियम बदले हैं, तो दूसरी तरफ दून अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र सेवा पर नया संकट मंडरा गया है। अस्पताल के मनोनीत सब-रजिस्ट्रार डॉ. जेएस बिष्ट का तबादला हो गया है, जिसके बाद उन्होंने प्रमाण पत्रों पर अपने डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करने से मना कर दिया है।

इसके साथ ही दून अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट भी इस समय छुट्टी पर चल रहे हैं। इस प्रशासनिक गतिरोध के कारण अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र और संशोधन का काम प्रभावित हो रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि वे जल्द ही इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर लेंगे।

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