खनन निदेशक राजपाल लेघा का चला चाबुक! नियम तोड़ने वाले खनन कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई, 5 स्टॉकयार्ड एक झटके में निरस्त….

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देहरादून। उत्तराखंड में अवैध खनन और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है। निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में चल रहे अभियान के तहत हरिद्वार जिले में लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच रिटेल खनिज भंडारण (स्टॉकयार्ड) की स्वीकृति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई। विभाग की इस कार्रवाई से खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

खनन विभाग की टीम ने हाल ही में हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में रिटेल भंडारणों पर सघन छापेमारी की। जांच के दौरान कई स्टॉकयार्डों में खनिज भंडारण नियमावली का खुला उल्लंघन सामने आया। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित संचालक एक ही खनन सत्र में दो से अधिक बार अनियमितताओं में पकड़े गए थे। नियमों के मुताबिक ऐसी स्थिति में भंडारण की स्वीकृति निरस्त करने का प्रावधान है, जिस पर बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई अमल में लाई गई।

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कार्रवाई की जद में राकेश कुमार, चौहान ट्रेडिंग कंपनी, अमरदीप रणावत, मां दुर्गा इंटरप्राइजेज और राबिया अंसारी के नाम से संचालित रिटेल भंडारण आए हैं। इन सभी स्टॉकयार्डों की स्वीकृति समाप्त कर दी गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों को बार-बार ताक पर रखने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी।

सूत्रों का कहना है कि विभाग की लगातार छापेमारी से अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के नेटवर्क में बेचैनी बढ़ गई है। कई संचालक अब अपने दस्तावेज और रिकॉर्ड दुरुस्त करने में जुट गए हैं। विभाग की नजर ऐसे अन्य भंडारणों पर भी है, जहां नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

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निदेशक राजपाल लेघा ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा साफ है—प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक ही खनन सत्र में दो से अधिक बार अनियमितता करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है और आगे भी शिकायत मिलने पर इसी तरह का अभियान जारी रहेगा। सरकार के राजस्व की सुरक्षा और पारदर्शी खनन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभाग पूरी सख्ती से काम कर रहा है।

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खनन विभाग की इस कार्रवाई को साफ संदेश माना जा रहा है कि अब चेतावनी का दौर खत्म हो चुका है। जो कारोबारी नियमों के दायरे में रहकर काम करेंगे, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन अवैध खनन और नियमों की अनदेखी करने वालों पर निदेशक राजपाल लेघा का चाबुक लगातार चलता रहेगा। हरिद्वार में हुई इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे भंडारणों और अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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