ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026: एक पायदान फिसला भारतीय पासपोर्ट, देखें रैंक

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नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर देशों की साख और यात्रा की सुगमता को दर्शाने वाले ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रैंकिंग जारी कर दी गई है। इस साल की नई सूची में भारतीय पासपोर्ट को मामूली झटका लगा है और वह पिछले साल की तुलना में एक पायदान नीचे खिसक गया है। ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस द्वारा दुनिया के 197 देशों की जारी की गई इस ताजा रैंकिंग में भारत अब 125वें स्थान पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर भारतीय नागरिकों की वैश्विक गतिशीलता पर पड़ेगा।

ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस की इस अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में यूरोपीय देश स्वीडन के पासपोर्ट को दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट घोषित किया गया है। रैंकिंग में शीर्ष पांच देशों की बात करें तो पहले नंबर पर स्वीडन, दूसरे पर स्विट्जरलैंड, तीसरे पर फिनलैंड, चौथे पर जर्मनी और पांचवें स्थान पर डेनमार्क काबिज हैं। वहीं दूसरी तरफ, बेहद खराब ट्रैक रिकॉर्ड के साथ अफगानिस्तान का पासपोर्ट इस पूरी सूची में दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट बना हुआ है।

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अगर भारतीय पासपोर्ट के पिछले पांच वर्षों के प्रदर्शन का विश्लेषण करें, तो इसमें लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2023 के बीच भारत वैश्विक पासपोर्ट सूची में 127वें स्थान पर जमा हुआ था। इसके बाद देश की वैश्विक पहुंच में सुधार हुआ और भारतीय पासपोर्ट वर्ष 2025 में ऊपर उठकर 124वें स्थान पर पहुंचने में कामयाब रहा था, लेकिन इस साल रैंकिंग में एक पायदान की मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

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बिना वीजा के 26 जगहों पर जा सकेंगे भारतीय

ताजा सूचकांक के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट रखने वाले नागरिक वर्तमान में दुनिया के कुल 26 स्थानों या देशों में बिना वीजा के यात्रा का आनंद ले सकते हैं। इन प्रमुख देशों में भूटान और नेपाल, जमैका और मकाऊ, फिलिस्तीन और ट्यूनीशिया, अंगोला और बारबाडोस शामिल हैं।

पड़ोसी देशों का क्या है हाल?

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की इस सूची में भारत के पड़ोसी देशों की स्थिति भी काफी चर्चा में है। एशिया के अन्य देशों और पड़ोसियों की तुलनात्मक रैंकिंग में चीन104वें स्थान के साथ भारत से काफी मजबूत स्थिति में है। जबकि भारत इस साल 125वें पायदान पर बना हुआ है। वहीं नेपाल वैश्विक सूची में 164वें स्थान पर मौजूद है और बांग्लादेश इस इंडेक्स में 166वें नंबर पर है। वहीं पाकिस्तान बेहद खराब प्रदर्शन के साथ सूची में नीचे 188वें स्थान पर खिसक गया है।

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इस वैश्विक रैंकिंग को तैयार करने के पीछे की कार्यप्रणाली को समझाते हुए ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस ने बताया कि 197 देशों की इस सूची का मूल्यांकन बेहद बारीकी से किया गया है। यह पूरी रैंकिंग कुल 14 अलग-अलग संकेतकों और 3 प्रमुख श्रेणियों पर आधारित है, जिसमें सुरक्षा, गतिशीलता और वीज़ा नीतियों को परखा जाता है।

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