देहरादून में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: गोबर बहाने पर 6 डेयरियों पर लगा ₹97,500 जुर्माना

ख़बर शेयर करें

देहरादून। नगर निगम देहरादून ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बिगाड़ने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले डेयरी संचालकों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पिछले चार दिनों से जारी इस विशेष निरीक्षण अभियान के तहत नगर निगम की टीम ने छह डेयरियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 97,500 रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही छह अन्य डेयरियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह सख्त कार्रवाई मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे के विशेष निर्देश पर पशुचिकित्सा अनुभाग द्वारा अमल में लाई गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में गंदगी फैलाने वाले डेयरी संचालकों पर लगाम लगाना और उन्हें गोबर का उचित वैज्ञानिक प्रबंधन करने के लिए बाध्य करना है।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में जन्म प्रमाण पत्र डिजिटल करने के नियम बदले, CMO का अनुमोदन हुआ अनिवार्य

गोबर बहाने वालों पर सख्त एक्शन की चेतावनी

नगर निगम के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जो भी डेयरी संचालक गोबर को नालियों, मुख्य सड़कों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बहाते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई होगी। अभियान के दौरान टीम ने चन्द्रबाणी रोड और सेवलां कलां क्षेत्र में निरीक्षण किया। यहाँ नियमों के तहत दो डेयरियों का अनिवार्य पंजीकरण भी कराया गया, जिससे 25 पशुओं के पंजीकरण से निगम को 12,500 रुपये का राजस्व मिला।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर महिला से 25 लाख की साइबर ठगी

डिफाल्टर डेयरी संचालक की संपत्ति से होगी वसूली!

निगम ने पुराने बकायेदारों और चालान दबाकर बैठने वालों के खिलाफ भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। करनपुर निवासी डेयरी संचालक राकेश द्वारा पूर्व में किए गए 40,000 रुपये के चालान की राशि जमा नहीं करने पर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है।

राकेश की ओर से चालान जमा न करने पर उसके विरुद्ध भू-राजस्व अधिनियम के तहत सरकारी वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। इसके लिए नगर निगम ने जिला मजिस्ट्रेट और तहसील प्रशासन को आधिकारिक पत्र भेजकर बकाया राशि वसूलने का अनुरोध किया है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में सहकारिता का बड़ा घोटाला: किसानों के नाम पर ₹1.40 करोड़ का गबन, मुकदमा दर्ज

वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल के नेतृत्व में यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शहर की स्वच्छता को चाक-चौबंद रखने के लिए डेयरियों का नियमित निरीक्षण, अनिवार्य पंजीकरण और निःशुल्क गोबर संग्रह की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad