Uttarakhand News: दो CMS समेत 8 डॉक्टरों के तबादले

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड में एक तरफ स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर डॉक्टरों के तबादलों और संशोधनों से हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत विकास की बयार बह रही है।

देहरादून जिले के मुख्य अस्पतालों में दो चिकित्सा अधीक्षकों समेत आठ डॉक्टरों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, जबकि राज्यभर में चल रहे सेवा सुशासन एवं समर्पण पखवाड़े के शिविरों में अब तक 46 हजार से अधिक लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंच चुके हैं।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में नदियों के पुनर्जीवन को ₹60 करोड़ की हरी झंडी, 54 पौराणिक धारा-नौले का होगा कायाकल्प

रायपुर सेलाकुई से लेकर कोरोनेशन तक बदले डॉक्टर

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, रायपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रताप रावत को इसी पद पर डोईवाला सीएचसी भेजा गया है। वहीं, सेलाकुई से डॉ. प्रताप सिंह को स्थानांतरित कर विकासनगर उप जिला अस्पताल का सीएमएस बनाया गया है। इसके अलावा रायपुर से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके झा को कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया है, जिससे रायपुर में बच्चों की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में जन्म प्रमाण पत्र डिजिटल करने के नियम बदले, CMO का अनुमोदन हुआ अनिवार्य

तबादला सूची के तहत रायपुर से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. ध्रुति को गांधी शताब्दी एवं कोरोनेशन अस्पताल के आईसीयू में तैनाती मिली है। वहीं, विकासनगर से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता शर्मा को प्रेमनगर अस्पताल और डॉ. अली हैदर को छिदरवाला भेजा गया है। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. अमित शुक्ला को सीएमओ कार्यालय देहरादून और डॉ. पंकज शर्मा को डीजी हेल्थ कार्यालय से संशोधित आदेश के तहत रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है।

इस फेरबदल के बीच स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू रावत, एलएमओ डॉ. विनीता और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. गीतिका खंडूड़ी ने अपने तबादले रुकवाने के लिए विभाग में प्रत्यावेदन दिया है। सीएमओ कार्यालय से स्थानांतरित डॉक्टरों ने फिलहाल कार्यभार नहीं छोड़ा है, जबकि कोरोनेशन और दून अस्पताल से 7-7 डॉक्टर रिलीव हो चुके हैं और नए डॉक्टरों ने जॉइनिंग शुरू कर दी है। देहरादून के सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि उच्च स्तर से मिले आदेशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।