Uttarakhand: “दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बन रहा उत्तराखंड”- CM धामी

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य तेजी से दुनिया की ‘आध्यात्मिक राजधानी’ बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के साथ-साथ प्रदेश के सभी पौराणिक व स्थानीय मंदिरों में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की जा रही है।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में जागेश्वर धाम और त्रियुगीनारायण में दर्शनार्थियों की संख्या में ढाई गुना की बढ़ोतरी हुई है। वहीं पूर्णागिरि में डेढ़ गुना और धारी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी हो गई है। यमुनोत्री धाम में भी अब तक 6 लाख 54 हजार यात्री दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले साल के 6 लाख 44 हजार से अधिक है।

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सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन स्थलों को सर्किट से जोड़ने, सड़कों के सुधार और परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा, पेयजल और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए ₹150 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी है। इसमें देहरादून की सहस्रधारा पेयजल योजना के लिए ₹113.15 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है।

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इसके अलावा, भरसार स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के लिए आकस्मिकता निधि से ₹33.54 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। वहीं देवप्रयाग के डुंडेश्वर महादेव मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए ₹1.05 करोड़ और चम्पावत के लोहाघाट में पाऊ पंपिंग योजना हेतु ₹2.69 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के सामने रखीं 3 प्रमुख मांगें

सोमवार को राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष और महामंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी से पहली औपचारिक मुलाकात की। शिक्षकों ने एलटी संवर्ग से प्रवक्ता व प्रधानाचार्य पदों पर लंबित पदोन्नति, अतिरिक्त वेतनवृद्धि और नई शिक्षा नीति के तहत शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता पद सृजित करने की मांग रखी।

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मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया। सीएम के निर्देश पर विद्यालय शिक्षा सचिव के साथ शिक्षकों की विस्तृत बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय स्तर पर समस्याओं के चरणबद्ध समाधान पर सहमति बनी।

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