देहरादून। कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने केंद्रीय जांच एजेंसियों और भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर बड़ा हमला बोला है। डॉ. रावत ने सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनके परिवार के जो लोग ईडी और सीबीआई के डर में थे, वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। उनके इस बयान के बाद उत्तराखंड का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
पत्रकारों से बात करते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को जांच एजेंसियों का डर दिखाया गया था। उन्होंने कहा कि जो लोग डर गए वे तो भाजपा में चले गए, लेकिन हरक सिंह न तो किसी एजेंसी से डरता है और न ही किसी के दबाव में आता है। अपने राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत ही जेल जाकर की थी, इसलिए उन्हें कोई डरा नहीं सकता।
हरक सिंह रावत के इस बयान पर उनकी बहू और भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं ने तुरंत पलटवार करते हुए तीखा जवाब दिया है। अनुकृति गुसाईं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दबाव बनाकर अपने नेताओं से ऐसी बयानबाजी करवा रही है। उन्होंने साफ किया कि जिस समय की बात डॉ. रावत कर रहे हैं, उस समय वह न तो मंत्री थीं और न ही राजनीति में सक्रिय थीं।
अनुकृति ने सवाल उठाया कि जब वह उस समय राजनीति में थीं ही नहीं, तो उन्हें ईडी या किसी जांच एजेंसी से डरने की क्या जरूरत थी। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. हरक सिंह रावत उनके ससुर हैं और राजनीति में काफी वरिष्ठ हैं, वह उनका सम्मान करती हैं। इसलिए उनके इस तरह के बयानों पर बहुत ज्यादा टिप्पणी करना सही नहीं है।
सहसपुर विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी पर डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस उन्हें टिकट देती है, तो भाजपा सहसपुर से चाहे किसी को भी मैदान में उतारे, वह 20 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज करेंगे।
डॉ. रावत ने कहा कि सहसपुर से चुनाव जीतने के बाद वे आसपास की कई अन्य सीटों पर भी पार्टी प्रत्याशियों के लिए समय दे पाएंगे। वहीं सहसपुर विधायक को बाहरी बताए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कोई सहसपुर में हरक सिंह को बाहरी कहेगा, तो वह भी यही कहेंगे कि जो पिछले दस साल से जीतते आ रहे हैं, वे भी सहारनपुर के ही हैं।

