Uttarakhand BJP Survey 2027: अक्टूबर में होगा विधायकों का बड़ा सर्वे, रिपोर्ट कार्ड तय करेगा टिकट

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी अपने मौजूदा विधायकों की जन-स्वीकार्यता और कार्यप्रणाली को परखने के लिए अक्टूबर महीने के अंत में केंद्रीय स्तर से एक बड़ा सर्वे कराने जा रही है। इस सर्वे का सीधा असर 2027 के चुनाव में टिकट वितरण पर पड़ने वाला है।

भाजपा प्रदेश नेतृत्व का मुख्य लक्ष्य 2027 में लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर प्रदेश में नया इतिहास रचना है। यद्यपि विभिन्न एजेंसियों के शुरुआती सर्वेक्षणों में पार्टी की स्थिति मजबूत बताई जा रही है, फिर भी शीर्ष नेतृत्व टिकट बांटने में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। इसी रणनीति के तहत अक्टूबर में केंद्रीय टीम द्वारा विधायकों की जमीनी हकीकत का निष्पक्ष आकलन किया जाएगा।

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इस गोपनीय सर्वे की रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि मौजूदा विधायक को दोबारा मौका मिलेगा या उनकी जगह किसी नए और जिताऊ चेहरे को मैदान में उतारा जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया के जरिए विधायकों की परफॉर्मेंस, जनता के बीच उनकी छवि और क्षेत्र में उनके जीतने की वास्तविक संभावनाओं पर विस्तृत फीडबैक एकत्र करेगा।

पार्टी का विशेष ध्यान उन 23 विधानसभा सीटों पर है, जहां पिछले चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। सर्वे में इन हारी हुई सीटों पर भी सबसे मजबूत दावेदारों को लेकर जनता से सीधी राय ली जाएगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन 23 सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पहले ही जमीनी मोर्चे पर उतार दिया गया है।

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चुनावी रणनीतियों के बीच भाजपा इस बार दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने देहरादून में पार्टी मीडिया विंग की वर्चुअल बैठक लेते हुए मीडिया टीम को आक्रामक रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास विजन के दम पर पार्टी जनता के बीच जा रही है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सर्वे की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी समय-समय पर जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण कराती है और आगे भी केंद्रीय स्तर पर ऐसे सर्वे होते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी का पूरा फोकस प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुरू हो रहे एक महीने के ‘आशीर्वाद दीया’ और सेवा कार्यक्रमों पर केंद्रित है।