देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में चालू शैक्षणिक सत्र का आधा समय बीत जाने के बाद भी लाखों छात्र-छात्राओं को ड्रेस, जूते और बैग की धनराशि नहीं मिल सकी है। राज्य सरकार की योजना के तहत यह राशि सीधे बच्चों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजी जानी थी। प्रशासनिक सुस्ती की वजह से बच्चे बिना गणवेश और फटे-पुराने सामान के साथ स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है।
समग्र शिक्षा योजना के तहत केंद्र सरकार से स्कूल ड्रेस के लिए प्रति छात्र 600 रुपये का प्रावधान है, जिसके लिए 30.28 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। हालांकि, सितंबर का आधा महीना बीतने के बाद भी यह राशि छात्रों के खातों में नहीं पहुंची है। योजना के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को जूते के लिए 153 रुपये व बैग के लिए 165 रुपये और कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को जूते के लिए 187 रुपये व बैग के लिए 275 रुपये दिए जाने हैं।
ग्राउंड स्तर से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक हालात काफी चिंताजनक हैं। अकेले श्रीनगर गढ़वाल के चार प्रमुख विद्यालयों के 218 बच्चे बिना ड्रेस के रंग-बिरंगे कपड़ों में स्कूल आ रहे हैं। वहीं, टिहरी गढ़वाल के लगभग 1600 सरकारी स्कूलों में पिछले छह महीनों से डीबीटी की रकम न पहुंचने से अभिभावक और छात्र परेशान हैं।
पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बच्चों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। चमोली जिले के 875 प्राइमरी और 191 जूनियर हाईस्कूलों के छात्र घिसी पोशाक और फटे बैग में किताबें ले जा रहे हैं। दूसरी ओर, हरिद्वार और रुड़की में बारिश के कारण पुराने जूते खराब होने से बच्चे चप्पल पहनकर स्कूल पहुंचने को विवश हैं। बैग फटे होने के कारण सरकार द्वारा बांटी गई नई पुस्तकें भी भीगकर खराब हो रही हैं।
उत्तराखंड सरकार प्राथमिक व जूनियर स्तर पर मुफ्त किताबों के साथ-साथ जूते, बैग और यूनिफॉर्म के लिए वित्तीय मदद देती है। किताबें तो स्कूलों तक पहुंच जाती हैं, लेकिन शेष मदों की धनराशि बैंक खातों में भेजी जाती है। निदेशालय स्तर से सभी जिलों को जूते और बैग का बजट जारी किया जा चुका है, लेकिन जिला स्तर पर प्रक्रिया अटकने से पैसा छात्रों के खातों में ट्रांसफर नहीं हो पाया है।
इस पूरे मामले पर प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर से जिलों को जूते और बैग की धनराशि आवंटित कर दी गई है और जिला स्तर से जल्द ही डीबीटी के जरिए यह रकम छात्रों को भेजी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र से समग्र शिक्षा का शेष बजट जारी होते ही यूनिफॉर्म का पैसा भी खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

