देहरादून। देहरादून में आयोजित इंटेलिजेंस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में आगामी महाकुंभ और विधानसभा चुनावों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की कानून व्यवस्था, सीमावर्ती सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
चुनावों के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य मंत्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों व सरकारी कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों, घुसपैठ और राष्ट्र विरोधी तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस की संयुक्त इंटर-एजेंसी बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि कुंभ और चुनाव जैसे संवेदनशील आयोजनों में सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरें बड़ा खतरा बनती हैं। इससे निपटने के लिए प्रदेश में जल्द ही एक ‘फैक्ट चेक व्यवस्था’ लागू की जाएगी, ताकि अफवाहों पर तुरंत काबू पाया जा सके। इसके अलावा आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान पूरे राज्य में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क की गतिविधियों को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष ‘सोशल मीडिया निगरानी सेल’ गठित करने का फैसला लिया गया। इंटेलिजेंस के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े 253 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया जा चुका है, जिनमें अधिकतर यूपी, हरियाणा और दिल्ली से सोशल मीडिया के जरिए भट्टी के संपर्क में आए थे।
राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति के तहत राज्य के सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड आतंकवाद रोधी दस्ते को पेशेवर स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड एटीएस देश के बड़े राज्यों की सफल कार्यप्रणाली और ऑपरेशनों का अध्ययन कर अपनी सुरक्षा रणनीति को और अधिक मजबूत करेगी।

