“मैं गरीब नहीं, हर साल भरता हूं 5 लाख इनकम टैक्स”, पूर्व सीएम हरीश रावत ने ED-CBI को दी खुली चुनौती

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देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने खुद को गरीब प्रचारित करने और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। देहरादून में सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए पूर्व सीएम ने स्पष्ट किया कि वह कोई गरीब नहीं हैं और हर साल 5 लाख रुपये से अधिक का इनकम टैक्स भरते हैं। हाल ही में उनके पूर्व ओएसडी पर ईडी की कार्रवाई के बाद उठ रहे सवालों के बीच हरीश रावत ने केंद्रीय एजेंसियों को अपनी और अपने परिवार की खुली जांच कराने की सीधी चुनौती दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी वित्तीय पृष्ठभूमि और अतीत के संघर्षों पर खुलकर बात करते हुए लिखा कि उन्होंने अपने जीवन में गरीबी, तंगी और विपरीत परिस्थितियां जरूर झेली हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कभी खुद को बेचारा या गरीब के रूप में प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियां जब चाहें आकर उनके तीन साल के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल, उनकी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कर सकती हैं।

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हरीश रावत ने अपने परिवार की आय के स्रोतों और व्यावसायिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा कि उनका परिवार आज भी ठेकेदारी के काम से जुड़ा हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने कभी कोई हाईप्रोफाइल या नियम-विरुद्ध ठेकेदारी नहीं की है। उनका परिवार सामान्य व्यवसायियों की तरह नियमों के दायरे में रहकर अपना काम करता है और अपनी आजीविका कमाता है।

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अपने दोनों बेटों के व्यापार और मौजूदा स्थिति पर विस्तृत जानकारी देते हुए पूर्व सीएम ने बताया कि उनका एक बेटा निजी स्कूलों का संचालन करता है, जो शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहा है। वहीं, उनके दूसरे बेटे की एक-दो व्यावसायिक कंपनियां थीं, लेकिन राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद उससे वे सारे काम छीन लिए गए और उसका पूरा कारोबार ठप कर दिया गया। राजनीतिक विद्वेष के कारण उनके परिवार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

उत्तराखंड की राजनीति में अपने विरोधियों पर सीधा हमला बोलते हुए हरीश रावत ने लिखा कि आज जब उन्हें जानबूझकर दागदार बनाकर सार्वजनिक जीवन से बेदखल करने की साजिशें रची जा रही हैं, तब उन्हें जनता के सामने आकर सच बोलना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दस साल से सत्ता से बाहर रहने के बावजूद कुछ लोगों के पेट में उन्हें देखकर मरोड़े उठते हैं और तरह-तरह के प्रहार किए जाते हैं।

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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने अपने दशकों लंबे राजनीतिक जीवन में कभी पद या काम कराने के बदले पैसे नहीं लिए और न ही गलत तरीके से कोई संपत्ति अर्जित की। उन्होंने कहा कि उनके पास भले ही अथाह व्यक्तिगत खजाना न हो, लेकिन जनता का प्यार और भरोसा हमेशा उनके साथ रहा है। पूर्व सीएम ने अंत में दोहराया कि जनसेवा के मार्ग पर चलते हुए वे ऐसे झूठे और दुर्भावनापूर्ण अभियानों से डरने वाले नहीं हैं और जनता के सामने हर तथ्य पारदर्शी तरीके से रखते रहेंगे।