MBBS फर्जीवाड़े में 8 अभ्यर्थियों पर गिरी गाज! स्वतंत्रता सेनानी कोटे के फर्जी प्रमाण पत्र मामले में SIT गठित

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देहरादून। उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिले के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़े में पुलिस का कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। देहरादून में दर्ज मुकदमों के बाद अब पुलिस की जांच का सबसे अहम पड़ाव उन पटवारियों के बयान दर्ज करना होगा, जिनकी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर अभ्यर्थियों को फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए थे।

मामले की गंभीरता और इसमें संगठित गिरोह के शामिल होने की प्रबल आशंका को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने विशेष जांच टीम के गठन का ऐलान किया है। पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह है कि जब आरोपी छात्राएं दिए गए पतों पर रह ही नहीं रही थीं, तो किस आधार पर पटवारियों ने मौके पर जाकर सत्यापन रिपोर्ट को सही ठहराया।

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जांच को आगे बढ़ाते हुए देहरादून पुलिस ने दर्ज मुकदमों से जुड़े पटवारियों को तलब कर आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके साथ ही स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए जमा कराए गए सभी मूल दस्तावेजों को पुलिस अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।

इस पूरे फर्जीवाड़े में एफआईआर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता पटवारी ही खुद पुलिस के रडार पर आ गए हैं। पुलिस इस बात की गहन तहकीकात कर रही है कि यह सिर्फ विभागीय लापरवाही का मामला था या फिर पटवारियों की इस संगठित सिंडिकेट के साथ कोई गहरी सांठगांठ थी।

मामले के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए पुलिस ‘डिजिटल सर्विलांस’ की मदद ले रही है। नीट परीक्षा और प्रमाण पत्र आवेदन के दौरान दिए गए दस्तावेज, मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है, ताकि गिरोह के ताने-बाने को बेनकाब किया जा सके।

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इसी बीच दून से एक और खुलासा सामने आया है, जहां श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सीट पाने वाली छात्रा कुसुम मल्ल का एससी/एसटी प्रमाण पत्र तहसीलदार द्वारा जांच के बाद रद्द कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि छात्रा ने किसी अन्य व्यक्ति के वैध दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया था।

पुलिस जांच के दायरे में आए कुल 08 संदिग्ध अभ्यर्थियों में से 06 ने विभिन्न राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि 02 ने अभी दाखिला नहीं लिया है। वर्तमान में राज्य में एमबीबीएस दाखिले की दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है।

दाखिला लेने वाले 06 अभ्यर्थियों में से 03 उधमसिंह नगर, 02 देहरादून और 01 हरिद्वार के निवासी हैं। इन्हें हरिद्वार राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज, जोलीग्रांट, श्रीनगर गढ़वाल, दून मेडिकल कॉलेज और एसजीआरआर देहरादून में सीटें आवंटित हुई हैं।

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एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के नोटिस के बावजूद संदिग्ध 08 अभ्यर्थियों में से एक भी अपने मूल दस्तावेज जमा कराने उपस्थित नहीं हुआ। अभ्यर्थियों के न पहुंचने पर अब संदिग्ध प्रमाण पत्रों की सीधी जांच संबंधित जिलों के डीएम से कराने का निर्णय लिया गया है, और डीएम की अंतिम रिपोर्ट पर ही दाखिला निर्भर करेगा।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण की काउंसिलिंग और ऑल इंडिया कोटा दाखिला प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सभी अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों की दोबारा गहनता से जांच की जाएगी।