Uttarakhand: कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया तेज करने के दिए कड़े निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड में वन भूमि हस्तांतरण की वजह से अटकी सड़क परियोजनाओं को अब रफ्तार मिलेगी। लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज ने देहरादून के यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि सभागार में समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में लंबित 1,141 मामलों का तय समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। सरकार के इस सख्त रुख से राज्य में सड़कों के निर्माण और ग्रामीण कनेक्टिविटी के प्रोजेक्ट्स तेजी से पूरे होंगे।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक में नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रदेश की कई सड़क योजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन वन विभाग और लोनिवि के बीच तालमेल की कमी के कारण उन्हें विधिवत स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि हस्तांतरण से जुड़ी कागजी प्रक्रियाओं को बिना किसी देरी के पूरा कराया जाए ताकि विकास कार्यों की रफ्तार धीमी न पड़े।

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विभागीय समीक्षा के दौरान राज्य में वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों का पूरा ब्यौरा सामने रखा गया। वर्तमान में राज्य में 312 मामलों में विधिवत स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 327 मामलों में सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त है। इसके अलावा 347 मामले सैद्धांतिक स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं और कई आवेदन परिवेश पोर्टल पर अपलोड होने के लिए पेंडिंग हैं, जिन्हें मिलाकर कुल आंकड़ा 1,141 तक पहुँच गया है।

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लोनिवि मंत्री ने निर्देश दिया कि वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर परिवेश पोर्टल पर अटके आवेदनों को प्राथमिकता से क्लियर कराया जाए। उन्होंने कहा कि सीमांत और पहाड़ी इलाकों में सड़कों का निर्माण राज्य की सुरक्षा और आम जनता की सहूलियत के लिए बेहद ज़रूरी है, इसलिए फाइलें दबाकर बैठने वाले रवैये पर सख्त कार्रवाई होगी।

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देहरादून में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में लोनिवि सचिव पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा, मुख्य अभियंता दयानंद व राजेंद्र सयाना, अपर प्रमुख वन संरक्षक मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव कल्याणी और बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मंत्री को भरोसा दिया कि दोनों विभाग मिलकर लंबित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाएंगे।

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