उत्तराखंड मौसम अलर्ट: नैनीताल जिले में भारी बारिश से 47 सड़कें बंद, कैंची धाम में उफान पर शिप्रा नदी

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नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल समेत पूरे उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही भारी बरसात के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सुरक्षा और हादसों की आशंका को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने 2 सितंबर 2026, बुधवार को जिले के कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है।

भारी बारिश का सबसे बड़ा असर भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में देखने को मिल रहा है। नीम करौली बाबा आश्रम के समीप बहने वाली शिप्रा नदी विकराल रूप धारण कर उफान पर है। स्थानीय प्रशासन और सूत्रों के अनुसार फिलहाल मंदिर परिसर या आसपास किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से खतरे की आशंका बनी हुई है।

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पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ ही पहाड़ियों से मलबा और भारी पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे कई मुख्य व ग्रामीण मार्ग बाधित हो गए हैं। जिला आपदा कंट्रोल रूम की लिखित रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में 3 राज्य मार्ग, 2 प्रमुख मार्ग, 1 मुख्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण रास्तों समेत कुल 47 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है।

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मौसम विभाग और कंट्रोल रूम के आंकड़ों के मुताबिक, नैनीताल जिले के ऊंचाई वाले स्नोव्यू क्षेत्र में सबसे ज्यादा 217 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि रामनगर क्षेत्र में सबसे कम 14.6 मिमी वर्षा हुई है। रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण बंद पड़ी सड़कों को खोलने का काम प्रभावित हो रहा है।

जिला प्रशासन और पुलिस ने भूस्खलन व जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदियों, गाड़-गधेरों के पास न जाएं और केवल अति-आवश्यक कार्य होने पर ही यात्रा करें।

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अवरुद्ध पड़े सभी 47 मार्गों से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने के लिए जेसीबी मशीनों और पोकलैंड उपकरणों को तैनात किया गया है। आपदा प्रबंधन की टीमें और संबंधित विभागों के कर्मचारी लगातार जमीनी स्तर पर राहत और मार्ग खोलने के कार्य में जुटे हुए हैं।

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