केदारनाथ में मंदाकिनी नदी को प्रदूषण मुक्त करने का पहला चरण सफल, पर्यटन विभाग की अनूठी पहल

ख़बर शेयर करें

देहरादून। केदारनाथ धाम में मंदाकिनी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के प्रयोग का पहला चरण पूरी तरह सफल रहा है। पर्यटन विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान के तहत केदारघाटी में खच्चरों की लीद को मंदाकिनी नदी में जाने से रोका गया है। इस पहल से पवित्र नदी में गंदगी और जीवाणु जाने से रुके हैं और केदार घाटी में फैली गंदगी का वैज्ञानिक निस्तारण हो रहा है।

पर्यटन विभाग ने केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर पर्यावरण और हिमालयी पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखने के लिए इको-फ्रेंडली पैलेट्स तैयार करने की अनूठी पहल शुरू की थी। इस योजना के तहत केदारनाथ पैदल मार्ग और आसपास के क्षेत्रों से खच्चर की लीद तथा सूखी चीड़ की पत्तियों का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया। लीद और पिरूल के इस विशेष मिश्रण से इको-फ्रेंडली फायर पैलेट्स तैयार किए गए हैं।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में दोहरी आफत: दून में स्वाइन फ्लू का आंकड़ा 100 पार, डेंगू के मरीज भी 114 पहुंचे

पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि खुले में डंप होने वाली 20 टन खच्चर की लीद को एकत्र कर प्रोसेस किया गया है। इसके साथ ही जंगलों को आग से बचाने के लिए 250 कुंतल सूखी चीड़ की पत्तियों को एकत्र किया गया। इन दोनों को मिलाकर अब तक सात टन स्वच्छ जैविक ईंधन तैयार किया जा चुका है।

यह भी पढ़ें -  पिरान कलियर उर्स' मेले में नाफरमानी पर बिफरे कैबिनेट मंत्री खजान दास, पूछा- क्यों नहीं हुआ राष्ट्रगान और राष्ट्रगी वंदे मातरम?

इस जैविक ईंधन का यात्रा मार्ग पर उपयोग करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा दुकानदारों और श्रद्धालुओं को 20 विशेष पैलेट स्टोव बांटे गए हैं। बांटे गए इन विशेष स्टोव से स्थानीय स्तर पर धुआं-मुक्त खाना बनाने और हीटिंग की बेहतर सुविधा मिल रही है। इससे दुकानदारों और यात्रियों को कड़ाके की ठंड में हीटिंग और भोजन तैयार करने का स्वच्छ विकल्प मिल गया है।

सचिव पर्यटन ने आगे बताया कि पिरूल के इस्तेमाल से वनों में आग लगने का खतरा काफी कम हुआ है। वहीं दूसरी ओर पारंपरिक लकड़ी और केरोसिन के इस्तेमाल में कमी आई है, जिससे स्थानीय वायु गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति दोनों मोर्चों पर बेहद कारगर साबित हो रहा है।

यह भी पढ़ें -  कांग्रेस की तुष्टीकरण राजनीति पर बरसे CM धामी, पूछा-"मौलाना की धमकी और जेहादी नारों पर क्यों साधी है चुप्पी ?"

पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि पर्यटन विभाग का यह प्रयोग केदारनाथ में बेहद सफल रहा है। केदारघाटी में सफल हुए इस अभिनव प्रयोग को आगे और विस्तार दिया जाएगा। सरकार और विभाग द्वारा प्रदूषण को रोकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ करने से जुड़ी इस महत्वपूर्ण पहल को आगे भी निरंतर बढ़ाया जाएगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad